मानसून सत्र से पहले किरण रिजिजू ने टीएमसी के बागी सांसदों सुदीप बंद्योपाध्याय और काकोली घोष को सर्वदलीय बैठक में बुलाया
केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने मानसून सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक के लिए टीएमसी के बागी सांसदों सुदीप बंद्योपाध्याय और काकोली घोष को आमंत्रित किया है।
संसद के मानसून सत्र से पहले केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों के नेताओं को सर्वदलीय बैठक के लिए आमंत्रित किया है। इस बैठक में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बागी सांसदों सुदीप बंद्योपाध्याय और काकोली घोष दस्तीदार को भी बुलावा भेजा है।
किरण रिजिजू ने अपने पत्र में सभी दलों से सहयोग की उम्मीद जताई है, ताकि संसद के दोनों सदनों का कामकाज सुचारू रूप से चल सके। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि मानसून सत्र सकारात्मक चर्चा और जनहित के मुद्दों पर प्रभावी बहस के साथ आगे बढ़े।
सूत्रों के अनुसार, सुदीप बंद्योपाध्याय अब लोकसभा में नेशनल सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) के नेता के रूप में नामित किए गए हैं। वहीं, काकोली घोष दस्तीदार को भी इस राजनीतिक बदलाव के बाद महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है। इसी कारण उन्हें सर्वदलीय बैठक में शामिल होने का निमंत्रण भेजा गया है।
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संसद सत्र से पहले होने वाली सर्वदलीय बैठक में सरकार विपक्षी दलों के साथ सत्र के एजेंडे और सदन के सुचारू संचालन को लेकर चर्चा करती है। इसमें विभिन्न दलों के नेता अपनी प्राथमिकताएं और मुद्दे रखते हैं।
मानसून सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयकों और राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। ऐसे में सरकार की कोशिश है कि सभी दलों के सहयोग से सदन की कार्यवाही बिना किसी बाधा के चले।
टीएमसी में हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद पार्टी के कुछ सांसदों के रुख में बदलाव आया है। सुदीप बंद्योपाध्याय और काकोली घोष दस्तीदार को लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज रही हैं।
किरण रिजिजू का यह कदम संसद में सभी राजनीतिक समूहों के साथ संवाद बनाए रखने की सरकार की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। सर्वदलीय बैठक में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच मानसून सत्र की रणनीति पर चर्चा होने की उम्मीद है।