बीएमसी में शिवसेना (यूबीटी) पार्षदों की नेता होंगी पूर्व मेयर किशोरी पेडनेकर
पूर्व मुंबई मेयर किशोरी पेडनेकर को बीएमसी में शिवसेना (यूबीटी) पार्षदों का नेता बनाया गया है। वह संभवतः नगर निगम में विपक्ष की नेता भी होंगी।
मुंबई की पूर्व मेयर किशोरी पेडनेकर को बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट के पार्षदों का समूह नेता नियुक्त किया गया है। पार्टी नेताओं के अनुसार, उन्हें जल्द ही नगर निगम में विपक्ष के नेता की जिम्मेदारी भी सौंपी जा सकती है। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के बीएमसी में बहुमत हासिल करने की संभावना जताई जा रही है।
उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) अब नगर निगम में विपक्ष की भूमिका निभाने की तैयारी कर रही है और सत्तारूढ़ गठबंधन को सदन के भीतर कड़ी चुनौती देने की रणनीति बना रही है। किशोरी पेडनेकर को यह जिम्मेदारी दिए जाने को पार्टी की एक अहम राजनीतिक चाल माना जा रहा है, क्योंकि वह प्रशासनिक अनुभव के साथ-साथ आक्रामक विपक्षी तेवर के लिए जानी जाती हैं।
किशोरी पेडनेकर ने कोविड-19 महामारी के दौरान मुंबई की मेयर के रूप में अहम भूमिका निभाई थी। उस कठिन दौर में नगर प्रशासन, स्वास्थ्य सेवाओं और नागरिक सुविधाओं को लेकर उनके फैसलों की व्यापक चर्चा हुई थी। वह नागरिक मुद्दों पर अपनी सख्त और स्पष्ट राय के लिए पहचानी जाती हैं।
शिवसेना में विभाजन के बाद किशोरी पेडनेकर ने उद्धव ठाकरे के साथ बने रहने का फैसला किया था। इसके बाद से वह मुंबई की राजनीति में लगातार सक्रिय रही हैं और पार्टी की ओर से कई अहम मुद्दों पर मुखर आवाज बनकर उभरी हैं।
पार्टी नेताओं का मानना है कि बीएमसी जैसे बड़े और प्रभावशाली निकाय में किशोरी पेडनेकर का नेतृत्व शिवसेना (यूबीटी) को एक मजबूत विपक्ष के रूप में स्थापित करेगा। आने वाले दिनों में उनके नेतृत्व में पार्टी नगर निगम प्रशासन की नीतियों और फैसलों पर कड़ी नजर रखेगी और जनहित से जुड़े मुद्दों को सदन में जोरदार तरीके से उठाएगी।
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