नरवणे की अप्रकाशित आत्मकथा का हवाला देने पर लोकसभा में हंगामा, राजनाथ सिंह और अमित शाह ने जताई आपत्ति
लोकसभा में राहुल गांधी द्वारा पूर्व सेना प्रमुख नरवणे की अप्रकाशित आत्मकथा का हवाला देने पर हंगामा हुआ, जिस पर राजनाथ सिंह और अमित शाह ने आपत्ति जताई।
संसद के बजट सत्र के दौरान सोमवार को लोकसभा में उस समय तीखी नोकझोंक देखने को मिली, जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपने संबोधन के दौरान पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की एक अप्रकाशित आत्मकथा का हवाला दिया। उनके इस संदर्भ पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह ने कड़ा विरोध दर्ज कराया, जिसके बाद सदन में हंगामे की स्थिति बन गई।
राहुल गांधी जैसे ही अपना भाषण शुरू कर रहे थे, तभी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हस्तक्षेप करते हुए आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि किसी भी ऐसे दस्तावेज या पुस्तक का उल्लेख संसद में नहीं किया जा सकता, जिसे आधिकारिक तौर पर प्रकाशित नहीं किया गया हो। राजनाथ सिंह ने तर्क दिया कि अप्रकाशित सामग्री का उपयोग करना संसदीय परंपराओं और नियमों के खिलाफ है।
इसके बाद गृह मंत्री अमित शाह भी चर्चा में शामिल हुए और उन्होंने राजनाथ सिंह की आपत्ति का समर्थन किया। अमित शाह ने सदन में कहा कि केवल प्रकाशित और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध सामग्री का ही हवाला दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि “कोई भी पत्रिका कुछ भी प्रकाशित कर सकती है”, इसलिए सदन में तथ्यों और स्रोतों की विश्वसनीयता बनाए रखना आवश्यक है।
और पढ़ें: बजट सत्र : राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर आज से बहस, राहुल गांधी के बोलने की संभावना
इन आपत्तियों के बाद लोकसभा में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। विपक्षी सांसदों ने बार-बार टोके जाने पर विरोध जताया, जबकि सत्तापक्ष के सांसदों ने प्रक्रिया और नियमों के पालन पर जोर दिया। दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस के कारण सदन का माहौल तनावपूर्ण हो गया।
हालांकि, शुरुआती हंगामे के बाद स्थिति को संभाल लिया गया और कार्यवाही दोबारा शुरू हुई। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर संसदीय कार्यवाही में संदर्भों और स्रोतों के उपयोग को लेकर बहस को हवा दे दी है।
और पढ़ें: राष्ट्रहित में एकजुट होने का आह्वान: राष्ट्रपति ने गांधी और नेहरू का किया स्मरण