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नादिगर संगम पदाधिकारियों के कार्यकाल विवाद पर मद्रास हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, याचिका खारिज करने से इनकार

मद्रास हाईकोर्ट ने नादिगर संगम के पदाधिकारियों के कार्यकाल को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज करने से इनकार किया। अब मामले की नियमित सुनवाई जारी रहेगी।

मद्रास हाईकोर्ट ने साउथ इंडियन आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (नादिगर संगम) के पदाधिकारियों के कार्यकाल को लेकर दायर दीवानी मुकदमे को खारिज करने से इनकार कर दिया है। इस मामले में अभिनेता नासर, विशाल कृष्णा और कार्ति के अध्यक्ष, महासचिव और कोषाध्यक्ष के रूप में कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी पद पर बने रहने को चुनौती दी गई है।

न्यायमूर्ति ए.डी. मारिया क्लेट ने बुधवार, 1 जुलाई 2026, को एसोसिएशन के सदस्य एस.आर. शेखर द्वारा दायर उस आवेदन को खारिज कर दिया, जिसमें दूसरे सदस्य वी. नंबीराजन की ओर से दायर मूल दीवानी वाद को प्रारंभिक स्तर पर ही निरस्त करने की मांग की गई थी।

याचिकाकर्ता वी. नंबीराजन का कहना है कि नादिगर संगम के निर्वाचित पदाधिकारियों का तीन वर्षीय कार्यकाल 19 मार्च 2025 को समाप्त हो गया था। इसके बावजूद वे अब भी अपने पदों पर बने हुए हैं, जो संगठन के नियमों के अनुरूप नहीं है।

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याचिका में 8 सितंबर 2024 को आयोजित 68वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में पारित उस प्रस्ताव को भी चुनौती दी गई है, जिसमें मौजूदा पदाधिकारियों को वर्ष 2028 तक पद पर बने रहने की अनुमति दी गई थी।

दूसरी ओर, एस.आर. शेखर ने अदालत से अनुरोध किया था कि इस मुकदमे को सुनवाई योग्य नहीं मानते हुए खारिज कर दिया जाए। हालांकि, हाईकोर्ट ने उनकी दलीलों को स्वीकार नहीं किया और स्पष्ट किया कि मामले की नियमित सुनवाई जारी रहेगी।

इस फैसले के बाद अब अदालत में इस बात पर विस्तार से सुनवाई होगी कि नादिगर संगम के पदाधिकारियों का कार्यकाल बढ़ाने का निर्णय कानूनी रूप से वैध था या नहीं। यह मामला तमिल फिल्म उद्योग के सबसे प्रमुख कलाकार संगठन से जुड़ा होने के कारण काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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