महाराष्ट्र में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में सुधार के लिए बनेगी उच्चस्तरीय समिति
महाराष्ट्र सरकार सरकारी भर्ती परीक्षाओं को सुरक्षित, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित करेगी। समिति छात्रों और शिक्षण संस्थानों से सुझाव लेकर व्यापक सुधार प्रस्ताव देगी।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार, 12 अगस्त को कहा कि राज्य में विभिन्न सरकारी भर्तियों की परीक्षाओं में व्यापक सुधार के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी। यह समिति भर्ती परीक्षाओं को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए जरूरी उपायों की सिफारिश करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समिति महाराष्ट्र के सभी राजस्व मंडलों का दौरा करेगी और वहां छात्रों, शिक्षण संस्थानों तथा परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अन्य हितधारकों के साथ बातचीत करेगी। इन चर्चाओं के आधार पर समिति अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी, जिसके बाद राज्य में भर्ती परीक्षाओं को लेकर व्यापक नीति बनाई जा सकती है।
यह निर्णय मुख्यमंत्री के सरकारी आवास वर्षा में आयोजित विशेष बैठक में लिया गया। बैठक में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी मौजूद रहे और उन्होंने परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर कई सुझाव दिए।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, समिति की अध्यक्षता सामान्य प्रशासन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव वी. राधा करेंगी। इसमें पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते, सूचना प्रौद्योगिकी सचिव वीरेंद्र सिंह, पशुपालन सचिव एन. रामास्वामी और नासिक मंडल आयुक्त प्रवीण गेडाम सदस्य होंगे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को केंद्र के कड़े कानून को महाराष्ट्र में लागू करने की प्रक्रिया अगले दो सप्ताह में पूरी करने के निर्देश भी दिए। राज्य में पहले से भर्ती परीक्षाओं से जुड़ा कानून मौजूद है, लेकिन सरकार केंद्रीय प्रावधानों को और प्रभावी तरीके से लागू करना चाहती है।
इसके अलावा, महाराष्ट्र में सरकारी भर्ती परीक्षाएं आयोजित कराने के लिए कम से कम 25,000 सुरक्षित परीक्षा कक्ष स्थापित करने का आदेश दिया गया है। बैठक में जिलाधिकारियों, पुलिस आयुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और वरिष्ठ शिक्षा अधिकारियों की जिम्मेदारियों पर भी चर्चा हुई।
अधिकारियों ने विभिन्न देशों में अपनाई जाने वाली परीक्षा प्रणालियों, महाराष्ट्र की मौजूदा व्यवस्था और संभावित सुधारों का भी अध्ययन किया। सरकार का उद्देश्य भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाने, अनियमितताओं पर रोक लगाने और अभ्यर्थियों का भरोसा मजबूत करना है।
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