ईरान ने मल्लिकार्जुन खरगे को खामेनेई के अंतिम संस्कार में आमंत्रित किया, कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल पर जल्द फैसला
ईरान ने मल्लिकार्जुन खरगे को अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में आमंत्रित किया है। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल तय कर रही है, जबकि भारत का प्रतिनिधित्व केंद्रीय मंत्री और बिहार के राज्यपाल करेंगे।
ईरान ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार और दफन समारोह में शामिल होने का आधिकारिक निमंत्रण भेजा है। कांग्रेस की ओर से बताया गया है कि पार्टी इस यात्रा के लिए अपने प्रतिनिधिमंडल को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है।
कांग्रेस के विदेश मामलों के विभाग के प्रमुख सलमान खुर्शीद ने कहा कि पार्टी नेतृत्व इस पर विचार कर रहा है कि कौन-कौन से नेता प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा होंगे। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा को भी इस समारोह के लिए आमंत्रित किया गया है।
निमंत्रण के अनुसार, अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम 5 जुलाई से 9 जुलाई के बीच आयोजित किए जाएंगे। तेहरान और क़ोम में 5, 6 और 7 जुलाई को विभिन्न धार्मिक और श्रद्धांजलि कार्यक्रम होंगे, जबकि 9 जुलाई को मशहद में अंतिम दफन संस्कार संपन्न कराया जाएगा।
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भारत की ओर से इन कार्यक्रमों में विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन के शामिल होने की संभावना है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी इस अवसर पर आमंत्रित किया है।
करीब तीन दशकों तक ईरान के सर्वोच्च नेता रहे अयातुल्ला अली खामेनेई की 28 फरवरी को तेहरान पर अमेरिका और इज़राइल के बड़े हवाई हमलों के पहले दिन मृत्यु हो गई थी।
तेहरान में श्रद्धांजलि समारोह के बाद उनका अंतिम यात्रा जुलूस क़ोम ले जाया जाएगा, जिसे ईरान में शिया धार्मिक नेतृत्व का प्रमुख केंद्र माना जाता है। इसके बाद पार्थिव शरीर को उनके जन्मस्थान मशहद ले जाया जाएगा, जहां इमाम रज़ा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। इसी दिन उनकी पुत्री और दामाद, जिनकी भी फरवरी के हमले में मृत्यु हुई थी, का अंतिम संस्कार भी किया जाएगा।
अयातुल्ला अली खामेनेई ने 1989 में अयातुल्ला रुहोल्लाह खोमैनी के निधन के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता का पद संभाला था। अपने लंबे कार्यकाल में उन्होंने देश की शिया धार्मिक व्यवस्था, राजनीतिक ढांचे और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की शक्ति को उल्लेखनीय रूप से मजबूत किया।
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