मनोहर लाल ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ स्वच्छता ही सेवा 2026 की तैयारियों की समीक्षा की
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ स्वच्छता ही सेवा 2026 की तैयारियों की समीक्षा की। अभियान में सार्वजनिक स्थानों, सफाईमित्रों और जनभागीदारी पर जोर रहेगा।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में अभियान को प्रभावी बनाने और देशभर में स्वच्छता गतिविधियों को गति देने से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।
स्वच्छता ही सेवा 2026 के तहत कई प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इनमें क्लीनलिनेस टारगेट यूनिट्स (सीटीयू) और अधिक भीड़ वाले सार्वजनिक स्थानों का कायाकल्प प्रमुख रूप से शामिल है। अभियान का उद्देश्य ऐसे स्थानों को स्वच्छ, व्यवस्थित और बेहतर सार्वजनिक सुविधाओं वाला बनाना है।
इसके अलावा ‘स्वच्छ पाठशाला-युवा फॉर स्वच्छता’ के माध्यम से विद्यार्थियों और युवाओं की स्वच्छता अभियान में भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। युवाओं को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने और उन्हें अभियान से जोड़ने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
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बैठक में ‘सफाईमित्र सुरक्षा एवं सम्मान शिविर’ को भी अभियान के प्रमुख हिस्से के रूप में शामिल किया गया है। इन शिविरों के जरिए सफाई मित्रों की सुरक्षा, सम्मान और कल्याण से जुड़े विषयों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
अभियान में जन भागीदारी फॉर स्वच्छता के तहत आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर रहेगा। केंद्र सरकार का लक्ष्य स्वच्छता को केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित रखने के बजाय इसे व्यापक जनआंदोलन का रूप देना है।
इसके साथ ही ‘स्वच्छता से समृद्धि’ को भी स्वच्छता ही सेवा 2026 के प्रमुख क्षेत्रों में रखा गया है। इसका उद्देश्य स्वच्छता गतिविधियों को सामाजिक और आर्थिक प्रगति से जोड़ना है।
केंद्रीय मंत्री ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से अभियान की तैयारियों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और स्थानीय स्तर पर अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने पर जोर दिया। अभियान के माध्यम से देशभर में स्वच्छता के प्रति जागरूकता और जनभागीदारी बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
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