गृह मंत्रालय ने लद्दाख के उपराज्यपाल को ₹100 करोड़ तक की परियोजनाएं मंजूर करने की शक्ति बहाल की
गृह मंत्रालय ने DFPRs, 2024 के तहत लद्दाख के उपराज्यपाल को ₹100 करोड़ तक की परियोजनाओं को मंजूरी देने की शक्तियां एक महीने बाद फिर से बहाल कर दी।
केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) ने शुक्रवार (1 जनवरी 2026) को लद्दाख के उपराज्यपाल को ₹100 करोड़ तक की परियोजनाओं के मूल्यांकन और स्वीकृति की शक्तियां दोबारा बहाल कर दी है। यह फैसला प्रतिनिधिक वित्तीय शक्तियां नियम (DFPRs), 2024 के तहत लिया गया है। यह आदेश ऐसे समय आया है जब महज एक महीने पहले गृह मंत्रालय ने लद्दाख के उपराज्यपाल से ₹100 करोड़ तक की योजनाओं और परियोजनाओं को मंजूरी देने की मौजूदा शक्तियां वापस ले ली थीं।
गृह मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक आदेश में कहा गया है कि बिना विधानसभा वाले केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासकों और उपराज्यपालों को ₹100 करोड़ तक की परियोजनाओं के मूल्यांकन और अनुमोदन की शक्तियों का प्रत्यायोजन स्वीकृत किया गया है। इसमें लद्दाख के अलावा अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, चंडीगढ़, दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव, और लक्षद्वीप शामिल हैं।
गृह मंत्रालय में भारत सरकार के अवर सचिव लेंदुप शेरपा द्वारा जारी आदेश में कहा गया कि सक्षम प्राधिकारी ने DFPRs, 2024 के तहत कुछ शर्तों के अधीन इन केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासकों और उपराज्यपालों को यह अधिकार सौंपने की मंजूरी दी है।
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नए आदेश के अनुसार, लद्दाख के उपराज्यपाल इन शक्तियों का प्रयोग संबंधित केंद्र शासित प्रदेश के सचिव (वित्त) या समकक्ष वित्तीय सलाहकार से परामर्श के बाद करेंगे। साथ ही यह भी शर्त रखी गई है कि परियोजनाओं के लिए पर्याप्त बजटीय प्रावधान उपलब्ध होने चाहिए।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि सौंपे गए इन अधिकारों को आगे किसी अन्य को पुनः प्रत्यायोजित नहीं किया जा सकेगा। इसके अलावा, इन शक्तियों के तहत स्वीकृत सभी प्रस्तावों का विवरण हर तिमाही गृह मंत्रालय के माध्यम से व्यय विभाग को भेजना अनिवार्य होगा।
आदेश में यह भी कहा गया कि DFPRs, 2024 के नियम 16 के तहत योजनाओं पर सैद्धांतिक मंजूरी से लेकर अंतिम स्वीकृति तक व्यय स्वीकृत करने की उपराज्यपाल की शक्तियां जारी रहेंगी, लेकिन यह प्रक्रिया वित्त मंत्रालय के मौजूदा दिशा-निर्देशों के अनुरूप संबंधित प्राधिकरणों द्वारा मूल्यांकन और स्वीकृति के बाद ही होगी।
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