मिया मुसलमान भाजपा के दुश्मन नहीं, हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा
हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि भाजपा ‘मिया’ मुसलमानों को दुश्मन नहीं मानती, लेकिन जिहाद, बाल विवाह और भूमि अतिक्रमण जैसी प्रथाओं को रोकना जरूरी है।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि भाजपा ‘मिया’ मुसलमानों को अपने दुश्मन नहीं मानती। यह बयान उस समय आया जब गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने उन्हें कथित घृणा फैलाने वाले भाषण के लिए नोटिस जारी किया था।
हिमंत बिस्वा सरमा ने स्पष्ट किया कि भाजपा का कोई विरोध सामुदायिक स्तर पर सामान्य मुसलमानों के खिलाफ नहीं है, लेकिन पार्टी का आपत्ति उन लोगों से है जो सामुदायिक भीतर असामाजिक प्रथाओं को अपनाते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग जिहाद के विभिन्न रूपों, बाल विवाह, और भूमि अतिक्रमण जैसी प्रथाओं में लिप्त हैं, जो सामाजिक और कानूनी दृष्टि से गलत हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि समुदाय के जिम्मेदार सदस्य इन प्रथाओं को छोड़कर समाज में सकारात्मक योगदान दें और कानून का पालन करें। उन्होंने सभी धार्मिक और सामाजिक समूहों को अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
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सरमा के इस बयान को राजनीति और मीडिया में व्यापक ध्यान मिला। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बयान भाजपा की सामुदायिक नीतियों और असम में सामाजिक संतुलन बनाए रखने की कोशिशों को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने यह भी आश्वासन दिया कि भाजपा असम में सभी समुदायों के साथ समावेशी दृष्टिकोण अपनाएगी और किसी भी समुदाय को परेशान नहीं करेगी।