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तमिलनाडु के विकास को अपूरणीय झटका, परंदूर एयरपोर्ट परियोजना रद्द करने पर एमके स्टालिन का विजय पर हमला

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने विरोध के बीच परंदूर एयरपोर्ट परियोजना रद्द करने का फैसला किया। एमके स्टालिन ने इसे राज्य के विकास के लिए अपूरणीय झटका बताया।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय द्वारा चेन्नई के बाहरी इलाके में प्रस्तावित परंदूर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना को रद्द करने के फैसले पर द्रविड़ मुनेत्र कज़गम (डीएमके) प्रमुख एमके स्टालिन ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। स्टालिन ने सोमवार, 24 अगस्त को इस फैसले को तमिलनाडु के विकास के लिए अपूरणीय झटका’ बताया।

मुख्यमंत्री विजय ने विधानसभा के बजट सत्र के दौरान घोषणा की कि विरोध प्रदर्शनों के बीच उनकी सरकार परंदूर में दूसरा एयरपोर्ट बनाने की प्रस्तावित योजना को आगे नहीं बढ़ाएगी। यह परियोजना पूर्ववर्ती डीएमके सरकार ने अगस्त 2022 में प्रस्तावित की थी। तमिलनाडु इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन को इसकी नोडल एजेंसी बनाया गया था। हालांकि, परियोजना को पर्यावरणीय चिंताओं और स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा।

राजनीतिक स्वार्थ के लिए तमिलनाडु के हितों से समझौता नहीं’

स्टालिन ने कहा कि परंदूर परियोजना को रद्द करना बदलाव नहीं, बल्कि राज्य के विकास को कई वर्षों पीछे ले जाने वाला फैसला है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के हितों को छोटे राजनीतिक स्वार्थों के लिए दांव पर नहीं लगाया जा सकता।

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स्टालिन के मुताबिक, राजधानी चेन्नई में विश्वस्तरीय एयरपोर्ट की जरूरत बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने दावा किया कि परियोजना के लिए उपलब्ध विकल्पों का विस्तृत अध्ययन करने के बाद स्थान चुना गया था और जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी थी।

उन्होंने कहा कि यदि नई सरकार अब किसी दूसरे स्थान की तलाश कर पूरी प्रक्रिया फिर से शुरू करती है, तो इससे तमिलनाडु के विकास की गति प्रभावित होगी।

उद्योग और रोजगार पर असर का दावा

स्टालिन ने कहा कि तमिलनाडु इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात और ऑटोमोबाइल समेत कई क्षेत्रों में देश में अग्रणी है। उनके अनुसार, औद्योगिक विकास के बिना राज्य के एक ट्रिलियन या 1.5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य को हासिल करना मुश्किल होगा।

विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने भी परियोजना रद्द करने के फैसले की आलोचना की। उन्होंने कहा कि बढ़ती हवाई यात्री संख्या और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए डीएमके सरकार ने यह परियोजना शुरू की थी।

वहीं, परियोजना से प्रभावित होने वाले एकनापुरम गांव के लोगों ने मुख्यमंत्री विजय के फैसले का स्वागत किया। परंदूर चेन्नई-बेंगलुरु राजमार्ग के पास और श्रीपेरंबदूर से करीब 28 किलोमीटर दूर स्थित है।

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