पीएम मोदी के तमिलनाडु दौरे पर सीएम स्टालिन ने लंबित मंजूरियों और फंड का मुद्दा उठाया
पीएम मोदी के तमिलनाडु दौरे पर सीएम स्टालिन ने केंद्र पर चुनावी दौरों, लंबित मंजूरियों और फंड रोकने का आरोप लगाया, जबकि मोदी ने डीएमके सरकार को भ्रष्ट बताया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तमिलनाडु दौरे के दौरान राज्य के मुख्यमंत्री और डीएमके अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। शुक्रवार (23 जनवरी, 2026) को स्टालिन ने कहा कि तमिलनाडु हमेशा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के लिए राजनीतिक बाधा बना रहेगा, क्योंकि यह गठबंधन राज्य के साथ लगातार “विश्वासघात” करता आया है।
मुख्यमंत्री स्टालिन ने प्रधानमंत्री मोदी के राज्य दौरे के समय पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री अक्सर केवल चुनाव नजदीक आने पर ही तमिलनाडु का दौरा करते हैं, जबकि राज्य से जुड़े अहम मुद्दों पर केंद्र सरकार की ओर से गंभीरता नहीं दिखाई जाती। स्टालिन ने यह भी याद दिलाया कि केंद्र सरकार के पास तमिलनाडु से जुड़े कई विकास प्रस्ताव और वित्तीय मंजूरियां अब भी लंबित हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने कई बार केंद्र से आवश्यक फंड और परियोजनाओं की स्वीकृति मांगी है, लेकिन उन्हें अब तक हरी झंडी नहीं मिली। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार तमिलनाडु के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपना रही है, जिससे राज्य के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वह शुक्रवार को मधुरांतकम में आयोजित एनडीए की रैली में गठबंधन नेताओं के साथ शामिल होंगे। अपने ट्वीट में उन्होंने दावा किया कि तमिलनाडु की जनता ने “भ्रष्ट डीएमके सरकार को विदाई देने” का मन बना लिया है।
प्रधानमंत्री के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए डीएमके नेताओं ने कहा कि तमिलनाडु की जनता केंद्र की नीतियों और वादों से भली-भांति परिचित है और वह चुनावों में अपना फैसला स्वयं करेगी। इस राजनीतिक बयानबाजी के बीच पीएम मोदी का यह दौरा राज्य की राजनीति में नए सिरे से हलचल पैदा करता नजर आ रहा है।
और पढ़ें: चंडीगढ़ मेयर चुनाव: AAP ने कांग्रेस से गठबंधन की खबरों को नकारा, कहा—देश को लूट चुकी है कांग्रेस