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मोहन भागवत ने कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी को सराहा, बोले- उनमें भारत की मिट्टी के गुण हैं

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की सराहना की। उन्होंने कहा कि घायल होने के बावजूद यात्रियों की जान बचाना भारतीय संस्कृति के संस्कारों को दर्शाता है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने दुबई से इजरायल के तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई उड़ान के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की सराहना की है। विमान में सवार 174 यात्रियों की जान बचाने के लिए स्मित की दुनियाभर में तारीफ हो रही है। बताया गया कि को-पायलट ने उन पर हमला कर उन्हें चाकू से घायल कर दिया था और विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश की थी।

मध्य प्रदेश के बालाघाट में मंगलवार को एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि कैप्टन स्मित ने चाकू के घाव लगने के बावजूद अपने प्राणों की परवाह नहीं की और यात्रियों को सुरक्षित बचाया। उन्होंने कहा कि स्मित मच्छार में भारत की मिट्टी और यहां की संस्कृति के गुण दिखाई देते हैं।

भागवत बालाघाट के कारंजा में स्मृति भवन और बालासाहेब देवरस नेत्रालय के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल हुए थे। उन्होंने अपने संबोधन में देश की सुरक्षा और प्रतिष्ठा को नागरिकों के कल्याण से जोड़ते हुए कहा कि देश का कल्याण होगा तो समाज और व्यक्ति का भी कल्याण होगा।

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उन्होंने कहा कि जहां प्रत्यक्ष रूप से काम हो रहा हो, वहां ज्यादा बोलने की जरूरत नहीं होती। उनके मुताबिक भाषण से अधिक महत्वपूर्ण उसका सार और सेवा का काम है। उन्होंने महात्मा गांधी का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने केवल राजनीति नहीं की, बल्कि राजनीतिक लोगों को सेवा के कार्यों से जोड़ा।

कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई अंतरराष्ट्रीय नेताओं ने भी सराहना की है। प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को उनसे वीडियो कॉल पर बातचीत कर उनके साहस की प्रशंसा की थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी पायलट की बहादुरी की तारीफ की थी।

फ्लाईदुबई की इस घटना में स्मित ने गंभीर चोट के बावजूद विमान को सुरक्षित दिशा में ले जाने और यात्रियों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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