एमपीएससी अध्यक्ष और सचिव इस्तीफा दें: ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती रद्द होने पर रोहित पवार का हमला
महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग में ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती प्रक्रिया परीक्षा में अनियमितताओं के बाद रद्द कर दी। रोहित पवार ने अध्यक्ष और सचिव के इस्तीफे की मांग की।
महाराष्ट्र में ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को लेकर विवाद बढ़ गया है। महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (एमपीएससी) ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग में ड्रग इंस्पेक्टर पद के लिए पूरी भर्ती प्रक्रिया रद्द कर दी है। परीक्षा में कथित अनियमितताओं के सामने आने के बाद आयोग ने यह फैसला लिया।
भर्ती प्रक्रिया रद्द किए जाने के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग के अध्यक्ष और सचिव के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा कि परीक्षा में अनियमितताओं के कारण अभ्यर्थियों के बीच गंभीर असंतोष पैदा हुआ है और इसके लिए जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
ड्रग इंस्पेक्टर की भर्ती खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) विभाग के लिए की जा रही थी। यह पद दवाओं की गुणवत्ता, बिक्री और नियामकीय प्रक्रियाओं की निगरानी से जुड़ा महत्वपूर्ण पद माना जाता है। भर्ती प्रक्रिया रद्द होने से परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के भविष्य और उनके समय को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
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रोहित पवार ने मांग की कि आयोग को परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों की पूरी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल भर्ती रद्द करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए कि अनियमितताएं कैसे हुईं और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
एमपीएससी के फैसले के बाद अब भर्ती प्रक्रिया दोबारा शुरू किए जाने की संभावना है। हालांकि, नई परीक्षा और भर्ती को लेकर विस्तृत कार्यक्रम की जानकारी सामने आना बाकी है।
रोहित पवार ने आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने मांग की कि अभ्यर्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
भर्ती प्रक्रिया रद्द होने के बाद महाराष्ट्र में प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था और परीक्षा संचालन को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
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