अनंत चतुर्दशी पर मुंबई में कड़ी सुरक्षा, 24 हजार पुलिसकर्मी तैनात; विसर्जन के लिए बीएमसी की व्यापक तैयारी
मुंबई में अनंत चतुर्दशी पर गणपति विसर्जन के लिए 24 हजार पुलिसकर्मी और 25 हजार बीएमसी कर्मचारी तैनात रहेंगे। कृत्रिम तालाब, सुरक्षा, यातायात और आपात सुविधाओं की व्यापक व्यवस्था की गई है।
अनंत चतुर्दशी के अवसर पर शुक्रवार को मुंबई में गणपति प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर सुरक्षा और नागरिक सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। शहर में शांतिपूर्ण और सुचारु विसर्जन सुनिश्चित करने के लिए 24 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। वहीं, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने करीब 25 हजार अधिकारियों और कर्मचारियों को व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सौंपी है।
14 सितंबर से शुरू हुए गणेशोत्सव का शुक्रवार को अनंत चतुर्दशी के साथ समापन होगा। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुलूस निकालकर भगवान गणेश की प्रतिमाओं का विसर्जन करेंगे। भीड़ और यातायात को नियंत्रित करने के लिए मुंबई यातायात पुलिस ने प्रमुख मार्गों पर विशेष प्रतिबंध लागू किए हैं।
पुलिस के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था में छह संयुक्त पुलिस आयुक्त, नौ अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, 38 पुलिस उपायुक्त और 66 सहायक पुलिस आयुक्त समेत 24 हजार से अधिक जवान शामिल हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में रैपिड एक्शन फोर्स, राज्य रिजर्व पुलिस बल, फोर्स वन, क्विक रिस्पॉन्स टीम, दंगा नियंत्रण दस्ता, डेल्टा और कॉम्बैट यूनिट तथा एंटी-ड्रोन दस्तों को भी तैनात किया गया है।
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जोगेश्वरी-विखरोली लिंक रोड (जेवीएलआर), लालबाग और कालाचौकी जैसे इलाकों में यातायात व्यवस्था के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। जेवीएलआर पर एलएंडटी फ्लाईओवर से आईआईटी मार्केट गेट तक दोनों दिशाओं में नो-पार्किंग लागू रहेगी। भारी वाहनों की आवाजाही पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
लालबाग और कालाचौकी में भारी भीड़ को देखते हुए डॉ. बी. ए. रोड के प्रमुख हिस्सों में चौबीसों घंटे पार्किंग प्रतिबंध लागू किए गए हैं।
बीएमसी ने बताया कि विसर्जन स्थलों पर 1,132 लाइफगार्ड, 6,052 फ्लडलाइट और सर्चलाइट, 85 एंबुलेंस तथा 10 मोटरबोट तैनात रहेंगी। भीड़ प्रबंधन के लिए 261 रिसेप्शन सेंटर, 228 नियंत्रण कक्ष और 75 निगरानी टावर बनाए गए हैं। श्रद्धालुओं के लिए 489 अस्थायी शौचालय समेत अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
मुंबई में 67 प्राकृतिक विसर्जन स्थलों और 383 कृत्रिम तालाबों की व्यवस्था की गई है। बीएमसी ने छह फीट तक ऊंची गणपति प्रतिमाओं को कृत्रिम तालाबों में विसर्जित करने की अपील की है। नागरिकों से समुद्र में उतरते समय सावधानी बरतने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। तट पर ब्लू-बटन जेलीफिश और स्टिंगरे की मौजूदगी को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
बीएमसी के अनुसार, इस वर्ष अब तक 1,63,386 गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन हो चुका है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि निर्धारित विसर्जन स्थलों पर किसी को भी शुल्क न दें और संदिग्ध वस्तु मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें। आपात स्थिति में 100 या 112 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।
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