कैबिनेट ने नागपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आधुनिकीकरण को PPP मॉडल के तहत मंजूरी दी
केंद्र की कैबिनेट ने नागपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आधुनिकीकरण को PPP मॉडल के तहत मंजूरी दी और एयरपोर्ट की जमीन का पट्टा MIL को 2039 के बाद भी बढ़ाया।
केंद्र की कैबिनेट ने नागपुर एयरपोर्ट के आधुनिकीकरण को PPP मॉडल के तहत मंजूरी दी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को नागपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आधुनिकीकरण और विस्तार के लिए PPP (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल के तहत योजना को मंजूरी दी। इसके अंतर्गत, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) द्वारा MIHAN इंडिया लिमिटेड (MIL) को पट्टे पर दी गई जमीन की अवधि 6 अगस्त 2039 के बाद भी बढ़ाई जाएगी, ताकि MIL नागपुर एयरपोर्ट को कंसेशनरी – GMR नागपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड को लाइसेंस कर सके।
इस फैसले का उद्देश्य नागपुर एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार विकसित और आधुनिक बनाना है। इससे न केवल यात्री सेवाओं में सुधार होगा, बल्कि एयर कार्गो और लॉजिस्टिक्स संचालन को भी बढ़ावा मिलेगा।
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कैबिनेट ने बताया कि इस परियोजना के तहत एयरपोर्ट में टर्मिनल विस्तार, नई सुविधाओं का निर्माण, आधुनिक टेक्नोलॉजी और यात्री अनुभव सुधार शामिल होंगे। परियोजना के PPP मॉडल के तहत होने से निजी क्षेत्र की विशेषज्ञता और निवेश को आकर्षित किया जाएगा।
मंत्रिमंडल ने यह भी स्पष्ट किया कि इस पहल से नागपुर और आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक विकास, रोजगार के अवसर और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, एयरपोर्ट की क्षमता बढ़ने से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में सुधार होगा।
केंद्रीय मंत्री और MIL अधिकारियों ने कहा कि यह निर्णय नागपुर और मध्य भारत के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक और अवसंरचनात्मक पहल है, जो भविष्य में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और व्यापारिक गतिविधियों को नई ऊँचाई पर ले जाएगा।
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