त्योहारों से पहले नागपुर में डीजे, मॉडिफाइड साउंड सिस्टम और लेजर लाइट पर 1 नवंबर तक रोक
त्योहारों से पहले नागपुर पुलिस ने एक नवंबर तक डीजे, डॉल्बी, मॉडिफाइड साउंड सिस्टम और लेजर लाइट पर रोक लगाई है। नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई होगी।
महाराष्ट्र के नागपुर में आगामी त्योहारों को देखते हुए पुलिस ने डीजे, डॉल्बी साउंड, मॉडिफाइड साउंड सिस्टम, बीमलाइट और लेजर बीम लाइट के इस्तेमाल पर एक नवंबर तक प्रतिबंध लगा दिया है। नागपुर के पुलिस आयुक्त विश्वास नागरे पाटील ने शुक्रवार को यह आदेश जारी किया।
हालांकि, पुलिस के अनुसार ऐसे साउंड सिस्टम जो निर्धारित नियमों का उल्लंघन नहीं करते हैं, उन पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। इनमें टॉप, मिड और बेस वाले मल्टी-स्पीकर सिस्टम, प्लाज्मा साउंड सिस्टम और प्रेशराइज्ड साउंड सिस्टम शामिल हैं। इन साउंड सिस्टम को चलाने के लिए मॉडिफाइड किए गए वाहनों को भी निर्धारित मानकों के भीतर इस्तेमाल करने की अनुमति होगी।
नागपुर के पुलिस उपायुक्त राहुल मदाने ने कहा कि सभी आयोजकों और संबंधित लोगों को पुलिस द्वारा तय मानकों के अनुसार ही काम करना होगा। नियमों और निर्धारित मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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पुलिस के इस फैसले पर नागपुर में राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। विश्व हिंदू परिषद के नागपुर महानगर मंत्री अमोल ठाकरे ने सवाल उठाया कि क्या ऐसे प्रतिबंध केवल हिंदू त्योहारों के दौरान ही लागू किए जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि ईद के दौरान भी संगठन के पदाधिकारियों ने पुलिस आयुक्त से डीजे पर रोक लगाने की मांग की थी, लेकिन उस समय कार्रवाई नहीं हुई।
भारतीय जनता पार्टी के मध्य नागपुर विधायक और पूर्वी विदर्भ प्रभारी प्रवीण दटके ने भी प्रतिबंध के समय पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि पुलिस को त्योहारों के दौरान ही ऐसे आदेश जारी करने के बजाय पहले से स्पष्ट नीति बनानी चाहिए थी।
भाजपा के वरिष्ठ पार्षद सुबोध आचार्य ने बताया कि पुलिस की टीमें साउंड सिस्टम की जांच के लिए उपकरणों के साथ पहुंच रही हैं। पुलिस ने आयोजकों को स्पष्ट किया है कि निर्धारित ध्वनि सीमा का उल्लंघन होने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।