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नमो भारत परियोजना भारत की मोबिलिटी क्रांति में सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में शामिल: अल्स्टॉम इंडिया

अल्स्टॉम इंडिया ने नमो भारत परियोजना के लिए पूरी तरह से भारत में निर्मित सेमी-हाई-स्पीड ट्रेनें और ड्राइवरलेस मेट्रो समाधान प्रदान किए, जो देश की मोबिलिटी क्रांति को गति देंगे।

भारत में रेलवे क्षेत्र में एक नई क्रांति चल रही है, और इस बदलाव में अल्स्टॉम इंडिया प्रमुख भूमिका निभा रहा है। कंपनी ने अल्स्टॉम इंडिया के माध्यम से देश की पहली सेमी-हाई-स्पीड क्षेत्रीय रेल सेवा, नमो भारत परियोजना के लिए रॉलिंग स्टॉक और सिग्नलिंग समाधान उपलब्ध कराए हैं। यह परियोजना राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) द्वारा लागू की जा रही है।

नमो भारत ट्रेनों में दुनिया की पहली ETCS लेवल 2 (हाइब्रिड लेवल 3) सिग्नलिंग तकनीक का उपयोग किया गया है, जो सुरक्षा बढ़ाती है, ऑपरेशनल दक्षता सुधारती है और यात्रियों को बेहतर अनुभव देती है। 210 कोच पूरी तरह से भारत में, हैदराबाद इंजीनियरिंग सेंटर और सवल्ली (गुजरात) में निर्मित किए गए हैं, जिससे 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' की प्रतिबद्धता को मजबूत किया गया है।

इसके अलावा, दिल्ली और मुंबई मेट्रो नेटवर्क में अल्स्टॉम के ड्राइवरलेस GoA4 तकनीक वाली मेट्रो सेवाएं शुरू की जा रही हैं। यह तकनीक मानव त्रुटियों को समाप्त करती है, ट्रेन संचालन में क्षमता बढ़ाती है और ऊर्जा की बचत करती है। मुंबई मेट्रो लाइन 4 में, अल्स्टॉम का 360-डिग्री समाधान रोलिंग स्टॉक, सिग्नलिंग और मेंटेनेंस को एकीकृत करता है, जिससे प्रोजेक्ट की डिलीवरी तेज़ होती है और यात्रियों के लिए सुरक्षित और सहज अनुभव सुनिश्चित होता है।

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अल्स्टॉम का लक्ष्य भारत में रेल प्रणाली को सुरक्षित, टिकाऊ और अत्याधुनिक बनाना है। नमो भारत परियोजना और मेट्रो विस्तार इसे संभव बनाने वाली सबसे महत्वाकांक्षी पहलों में से एक मानी जा रही है।

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