नासिक TCS यौन उत्पीड़न मामला गंभीर, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी: देवेंद्र फडणवीस
नासिक TCS मामले को देवेंद्र फडणवीस ने गंभीर बताया। यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण आरोपों में जांच जारी है। SIT गठित, कई गिरफ्तारियां हुईं और सख्त कार्रवाई के आदेश दिए गए।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) यूनिट में सामने आए यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण के आरोपों को “बहुत गंभीर मामला” बताया है। उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण की गहन जांच चल रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “यह मामला बहुत गंभीर है और इस पर बहुत सख्त कार्रवाई की जा रही है। हमें जानकारी मिली है कि यह एक मॉडल के तहत किया गया था। सौभाग्य से टीसीएस जैसी बड़ी कंपनी ने इस पर गंभीर भूमिका निभाई है। वे किसी को बचाने नहीं जा रहे हैं। टीसीएस के प्रमुख ने भी इसकी कड़ी निंदा की है।”
इस मामले में एक स्थानीय अदालत ने दो आरोपियों—रज़ा रफीक मेमन (35) और शफी बिखन शेख (36)—को 18 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। दोनों को पहले न्यायिक हिरासत के बाद फिर से गिरफ्तार किया गया था।
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पुलिस ने अब तक टीसीएस नासिक यूनिट से जुड़े सात कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें छह पुरुष कर्मचारी और एक महिला एचआर मैनेजर शामिल हैं। यह कार्रवाई नौ अलग-अलग मामलों के तहत की गई है।
पुलिस ने आठ महिला कर्मचारियों की शिकायतों के आधार पर विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। पीड़ित महिलाओं ने वरिष्ठ अधिकारियों पर लगातार मानसिक और यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं और एचआर विभाग पर कार्रवाई न करने का भी आरोप लगाया है।
कुछ महिलाओं ने जबरन धर्म परिवर्तन के प्रयासों के भी गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया है।
टीसीएस ने कहा है कि कंपनी में उत्पीड़न के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति है और आरोपियों को जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया गया है।
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