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पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में नौसेना कर्मचारी समेत दो गिरफ्तार, 18 संदिग्ध जांच के घेरे में

आंध्र प्रदेश पुलिस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में नौसेना कर्मचारी समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया। मामले में 18 संदिग्ध जांच के घेरे में हैं, जिनमें 13 नौसैनिक हैं।

आंध्र प्रदेश पुलिस ने पाकिस्तान के लिए कथित जासूसी के मामले में भारतीय नौसेना के एक कर्मचारी और एक नागरिक कॉन्ट्रैक्ट ड्राइवर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन फायरवॉल-2026’ के तहत की गई व्यापक जांच का हिस्सा है। मामले में कुल 18 संदिग्ध जांच के घेरे में हैं, जिनमें कथित तौर पर 13 नौसेना कर्मी हैं।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रदीप मुखर्जी और अन्नम साई वरप्रसाद के रूप में हुई है। प्रदीप मुखर्जी विशाखापत्तनम नौसेना बेस में तैनात नौसेना कर्मचारी हैं, जबकि वरप्रसाद विशाखापत्तनम में नौसेना अधिकारियों के लिए कॉन्ट्रैक्ट ड्राइवर के रूप में काम करता था।

आंध्र प्रदेश पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस सेल को संदिग्धों के पाकिस्तान इंटेलिजेंस ऑपरेटिव्स (पीआईओ) के साथ कथित संपर्क के बारे में जानकारी मिली थी। इसके बाद नेटवर्क की जांच शुरू की गई। पुलिस ने कहा कि दोनों आरोपियों की प्रथम दृष्टया भूमिका सामने आने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया है, जबकि बाकी संदिग्धों की भूमिका की जांच जारी है।

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जांच के दौरान प्रदीप मुखर्जी को हाल ही में तमिलनाडु के कोयंबटूर से गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उन्हें विजयवाड़ा की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उन्हें विजयवाड़ा जिला जेल में रखा गया है। वरप्रसाद को भी 14 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

पुलिस के अनुसार, जांच के तहत 10 राज्यों की पुलिस एजेंसियों के साथ समन्वय किया गया। ‘ऑपरेशन फायरवॉल-2026’ के जरिए संदिग्धों के कथित पाकिस्तानी खुफिया संपर्कों और नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है।

जांच एजेंसियां इस आरोप की भी जांच कर रही हैं कि रक्षा प्रतिष्ठानों और रणनीतिक स्थानों से जुड़ी संवेदनशील तथा गोपनीय जानकारी पाकिस्तान स्थित लोगों तक पहुंचाई गई। पुलिस का आरोप है कि प्रदीप मुखर्जी और वरप्रसाद ने ऐसी संवेदनशील सूचनाएं कथित तौर पर पाकिस्तानी ऑपरेटिव्स को भेजीं।

पुलिस ने बताया कि विशाखापत्तनम और देश के अन्य स्थानों से जुड़ी जानकारी कथित तौर पर एन्क्रिप्टेड संचार माध्यमों के जरिए भेजी गई। जांच के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य गैजेट जब्त किए गए हैं। अधिकारी इन उपकरणों की जांच कर रहे हैं और बाकी संदिग्धों की भूमिका का पता लगाने में जुटे हैं।

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