NEET-UG 2026 पेपर लीक केस: CBI ने लातूर के डॉक्टर और पुणे कोचिंग टीचर को गिरफ्तार किया
नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई ने लातूर के डॉक्टर और पुणे के कोचिंग शिक्षक को गिरफ्तार किया है। अब तक कुल 13 आरोपी पकड़े जा चुके हैं और जांच जारी है।
नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले की जांच तेज करते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बुधवार को दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें महाराष्ट्र के लातूर के एक डॉक्टर और पुणे स्थित एक कोचिंग संस्थान के फिजिक्स शिक्षक शामिल हैं।
इन गिरफ्तारियों के साथ इस मामले में अब तक कुल 13 लोगों को पकड़ा जा चुका है। इससे पहले दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहिल्यानगर से भी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
सीबीआई के अनुसार, लातूर निवासी डॉक्टर मनोज शिरुरे पर आरोप है कि उन्होंने कई छात्रों को, जिनमें रेनुकाई करियर सेंटर (आरसीसी) के संस्थापक शिवराज मोतेगांवकर के बेटे भी शामिल हैं, आरोपी पी.वी. कुलकर्णी से केमिस्ट्री के प्रश्न दिलाने में मदद की।
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वहीं पुणे स्थित डॉ. अभंग प्रभु मेडिकल अकादमी (एपीएमए) के फिजिक्स शिक्षक तेजस हर्षदकुमार शाह को भी गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि उन्हें पहले से गिरफ्तार आरोपी मनीषा हवालदार से फिजिक्स के लीक प्रश्न प्राप्त हुए थे।
सीबीआई ने बताया कि इस पूरे मामले की साजिश और नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच जारी है। अब तक एजेंसी ने 49 स्थानों पर छापेमारी की है और कई आपत्तिजनक दस्तावेज, लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
गौरतलब है कि 3 मई को आयोजित नीट-यूजी 2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक की शिकायतों के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी थी। यह परीक्षा 551 शहरों और 14 विदेशी केंद्रों पर आयोजित हुई थी, जिसमें लगभग 23 लाख छात्रों ने भाग लिया था।
सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई को व्यापक जांच का जिम्मा सौंपा था। एजेंसी ने शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया है।
परीक्षा की पुनः परीक्षा 21 जून को निर्धारित की गई है।
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