सरकार ने पेश किया नया उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) श्रृंखला, जनवरी में खुदरा मुद्रास्फीति 2.75%
नई CPI श्रृंखला में अधिक वस्तुएं और सेवाएं शामिल की गई हैं, जनवरी 2026 में खुदरा मुद्रास्फीति 2.75% रही। इससे वित्तीय और मौद्रिक नीतियों में सुधार होगा।
सरकार ने नई उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) श्रृंखला पेश की है, जिसमें अब अधिक वस्तुएं और सेवाएं शामिल हैं और उनके भार (weights) को संशोधित किया गया है। इस नई श्रृंखला का आधार वर्ष 2024 है। मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) वी. आनंद नगेश्वरन ने बताया कि इस नई श्रृंखला के आधार पर वित्तीय और मौद्रिक नीति अधिक सटीक और प्रभावी होगी।
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने गुरुवार, 12 फरवरी 2026 को जनवरी 2026 के लिए नई CPI श्रृंखला के अनुसार खुदरा मुद्रास्फीति (retail inflation) का डेटा जारी किया। इस डेटा के अनुसार, जनवरी 2026 में खुदरा मुद्रास्फीति 2.75% रही। चूंकि यह नई श्रृंखला से पहला डेटा है, इसलिए इसका ऐतिहासिक तुलना अभी संभव नहीं है।
MoSPI सचिव सौरभ गर्ग, मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. आनंद नगेश्वरन और MoSPI के अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में डेटा जारी किया गया। नई CPI श्रृंखला में उपभोक्ता की खर्च संरचना और मौजूदा जीवनशैली के अनुरूप संशोधन किए गए हैं। इसमें पहले से अधिक वस्तुएं और सेवाएं शामिल की गई हैं ताकि मुद्रास्फीति की गणना और अधिक वास्तविक और व्यापक हो सके।
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CEA नगेश्वरन ने कहा कि नई श्रृंखला नीति निर्धारण के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करेगी और केंद्रीय बैंक को मौद्रिक नीति में अधिक सूक्ष्मता अपनाने में मदद करेगी। यह श्रृंखला यह सुनिश्चित करती है कि महंगाई का आकलन अधिक संतुलित और समग्र दृष्टिकोण से किया जा सके।
नई CPI श्रृंखला का उद्देश्य न केवल मुद्रास्फीति को सही तरीके से मापना है, बल्कि नीति निर्माताओं को आर्थिक निर्णयों में अधिक स्पष्टता और सटीकता प्रदान करना भी है।
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