नोएडा हिंसा साजिश का खुलासा, मानेसर से अरुण विहार तक फैला नेटवर्क बेनकाब
नोएडा हिंसा की साजिश का खुलासा हुआ। मुख्य आरोपी आदित्य आनंद गिरफ्तार, अरुण विहार से ब्लूप्रिंट मिला। कई संगठनों के नेटवर्क और फंडिंग की जांच जारी है।
नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में बड़े स्तर पर हिंसा भड़काने की साजिश का सुरक्षा एजेंसियों ने खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि यह साजिश कई महीनों से योजनाबद्ध तरीके से तैयार की जा रही थी, जिसमें विभिन्न संगठनों और फ्रंट समूहों का इस्तेमाल किया गया।
मुख्य आरोपी आदित्य आनंद को तमिलनाडु से गिरफ्तार किया गया है। वह जून 2025 से नोएडा में रह रहा था और इससे पहले गुरुग्राम में रह चुका था। उसने नोएडा के अरुण विहार में तीन कमरों का एक मकान किराए पर लिया था, जिसे जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क का मुख्य केंद्र मान रही हैं। बताया जा रहा है कि वह खुद को जेनपैक्ट कंपनी से जुड़ा बताता था।
जांच में आरडब्ल्यूपीआई, मजदूर बिगुल दस्ता, नौजवान भारत सभा और दिशा संगठन जैसे समूहों के बीच संबंध सामने आए हैं। अधिकारियों का मानना है कि ये सभी संगठन एक साझा एजेंडे पर काम कर रहे थे।
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फरवरी 2026 में प्रस्तावित मजदूर हड़ताल को भी जांच के दायरे में लिया गया है। एजेंसियों के अनुसार, इस हड़ताल के जरिए सड़कों को जाम करने और प्रशासन को बाधित करने की योजना बनाई गई थी। दस्तावेजों में “मोटो जाम करना है” जैसे निर्देश भी मिले हैं।
अरुण विहार से बरामद दस्तावेजों में पूरी साजिश का ब्लूप्रिंट मिला है, जिसमें भीड़ जुटाने, प्रदर्शन को नियंत्रित करने और व्हाट्सऐप समूहों के जरिए लोगों को संगठित करने की रणनीति शामिल है।
जांच में यह भी सामने आया है कि मानेसर से लेकर करावल नगर और नोएडा तक विरोध प्रदर्शनों की एक श्रृंखला बनाई गई थी, जिसे मई 2026 तक जारी रखने की योजना थी। अब एजेंसियां फंडिंग, भर्ती और संभावित विदेशी संबंधों की जांच कर रही हैं।
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