भारतीय महिलाओं पर तीन बच्चों का बोझ न डालें: ओवैसी का आरएसएस प्रमुख को जवाब
असदुद्दीन ओवैसी ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की ‘तीन बच्चों’ थ्योरी का विरोध किया। बोले, महिलाओं पर बोझ डालना गलत है और संघ मुस्लिम विरोधी नफरत फैलाने के लिए जिम्मेदार है।
एआईएमआईएम (AIMIM) अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के हालिया बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। ओवैसी ने कहा कि भारतीय महिलाओं पर ‘तीन बच्चों’ जैसी थ्योरी का बोझ डालना अनुचित है और यह महिलाओं की स्वतंत्रता और अधिकारों के खिलाफ है।
ओवैसी ने आरएसएस और उससे जुड़े संगठनों पर आरोप लगाया कि वे देश में “मुस्लिम विरोधी नफरत फैलाने” के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान न केवल सामाजिक सौहार्द बिगाड़ते हैं बल्कि महिलाओं को भी अनुचित तरीके से निशाना बनाते हैं।
ओवैसी ने कहा, “महिलाओं को बच्चे पैदा करने की मशीन के तौर पर देखने की मानसिकता पूरी तरह गलत है। सरकार को चाहिए कि वह शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के मुद्दों पर ध्यान दे, न कि जनसंख्या को लेकर धार्मिक या सांप्रदायिक बहस छेड़े।”
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उन्होंने यह भी कहा कि भारत की जनसंख्या नियंत्रण दर पहले से ही लगातार गिर रही है और महिलाओं की साक्षरता व जागरूकता बढ़ने से परिवार का आकार स्वाभाविक रूप से कम हो रहा है। ऐसे में जबरन कोई भी थ्योरी थोपना अनावश्यक है।
ओवैसी ने संघ प्रमुख को सलाह दी कि वे समाज को जोड़ने की बात करें, न कि ऐसे मुद्दे उठाएं जिनसे विभाजन बढ़े। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय को बदनाम करने और महिलाओं पर दबाव डालने की कोशिश सफल नहीं होगी।
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