×
 

मोहन भागवत ने कहा- संघ नहीं करेगा मथुरा-काशी आंदोलनों में हिस्सा, स्वयंसेवकों को रोकेंगे नहीं

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि संघ मथुरा-काशी आंदोलनों में हिस्सा नहीं लेगा, लेकिन स्वयंसेवकों को रोकना संगठन का उद्देश्य नहीं है; उन्होंने आधुनिक ‘स्मृति’ बनाने का आग्रह किया।

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने स्पष्ट किया है कि संगठन मथुरा और काशी के लिए चल रहे आंदोलनों में सीधे तौर पर भाग नहीं लेगा। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि स्वयंसेवकों को किसी भी व्यक्तिगत गतिविधि या आंदोलन में भाग लेने से रोकना संगठन का उद्देश्य नहीं है।

भागवत ने अपने भाषण में यह बात कही कि संघ का फोकस समाज की समग्र भलाई और देश की सुरक्षा पर है। उन्होंने कहा कि संगठन विभिन्न सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में मार्गदर्शन प्रदान करता है, लेकिन किसी आंदोलन में प्रत्यक्ष भागीदारी उसकी प्राथमिकता नहीं है।

मोहन भागवत ने मानवता और धर्म के दृष्टिकोण से Manusmriti पर भी चर्चा की। उन्होंने धार्मिक नेताओं और विद्वानों से आग्रह किया कि वे एक ऐसी “स्मृति” तैयार करें जो वर्तमान समय की आवश्यकताओं और सामाजिक परिस्थितियों के अनुकूल हो। उनका कहना था कि पुराने ग्रंथों की शिक्षाओं को आधुनिक युग की वास्तविकताओं और मूल्यों के अनुरूप ढालना आवश्यक है।

और पढ़ें: जनसंख्या असंतुलन के पीछे धर्मांतरण और अवैध प्रवासन: मोहन भागवत

उन्होंने यह भी कहा कि धर्म और संस्कृति का उद्देश्य समाज में संतुलन, न्याय और समानता स्थापित करना होना चाहिए। संघ का दृष्टिकोण हमेशा ऐसा रहा है कि समाज में सहयोग, सहिष्णुता और राष्ट्रभक्ति की भावना बनाए रखी जाए।

विशेषज्ञों का कहना है कि मोहन भागवत की इस टिप्पणी से यह संकेत मिलता है कि संघ राजनीतिक आंदोलनों में सीधे तौर पर नहीं उलझना चाहता, लेकिन स्वयंसेवकों की सक्रियता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को महत्व देता है।

इस दृष्टिकोण से संगठन अपनी नीतियों और उद्देश्यों को संतुलित तरीके से आगे बढ़ा रहा है।

और पढ़ें: अविभाजित भारत में 40,000 साल से रह रहे लोगों का डीएनए एक जैसा: मोहन भागवत

 
 
 
Gallery Gallery Videos Videos Share on WhatsApp Share