50 से भी कम हथियारों ने पाकिस्तान को युद्धविराम के लिए किया मजबूर: एयर मार्शल तिवारी
एयर मार्शल तिवारी ने कहा कि 50 से कम हथियारों की तैनाती से पाकिस्तान युद्धविराम को मजबूर हुआ। कई लक्ष्य ऐसे थे जिन्हें 1971 युद्ध में भी नहीं निशाना बनाया गया था।
भारतीय वायु सेना (IAF) के वरिष्ठ अधिकारी एयर मार्शल तिवारी ने कहा है कि 50 से भी कम हथियारों की तैनाती ने पाकिस्तान को युद्धविराम की अपील करने के लिए मजबूर कर दिया था। उन्होंने बताया कि मिशन के दौरान भारतीय वायु सेना ने जिन पाकिस्तानी ठिकानों को निशाना बनाया, उनमें से कुछ ऐसे थे जिन्हें 1971 के युद्ध के दौरान भी निशाना नहीं बनाया गया था।
एयर मार्शल तिवारी के अनुसार, इस अभियान ने भारतीय वायु सेना की सटीकता और शक्ति का स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सीमित हथियारों के इस्तेमाल के बावजूद लक्ष्यों को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया, जिससे पाकिस्तान को स्थिति की गंभीरता समझ में आ गई और उसे युद्धविराम की राह पकड़नी पड़ी।
उन्होंने बताया कि यह ऑपरेशन न केवल तकनीकी दृष्टि से उत्कृष्ट था बल्कि रणनीतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण था। इसमें उन्नत तकनीक, सटीक इंटेलिजेंस और योजनाबद्ध कार्रवाई का उपयोग किया गया। तिवारी ने कहा कि इस अभियान के परिणामों ने दिखा दिया कि भारत अब किसी भी आक्रामकता का जवाब देने के लिए पूरी तरह सक्षम है।
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एयर मार्शल तिवारी ने यह भी उल्लेख किया कि इस मिशन में कुछ ऐसे महत्वपूर्ण ठिकाने भी शामिल थे जिन्हें पहले कभी निशाना नहीं बनाया गया था। उनका मानना है कि यह कार्रवाई भारत की रक्षा नीति और वायु सेना की दक्षता में एक नया मानक स्थापित करती है।
उन्होंने कहा कि कम संसाधनों के बावजूद बड़ा प्रभाव डालने की क्षमता ने भारतीय वायु सेना की रणनीतिक बढ़त को उजागर किया।
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