नागपुर के सरकारी अस्पतालों में पैरासिटामोल और ब्लड प्रेशर की दवा गुणवत्ता जांच में फेल
नागपुर के दो सरकारी अस्पतालों में पैरासिटामोल और ब्लड प्रेशर की दवा एफडीए गुणवत्ता जांच में फेल हुई। प्रशासन ने वितरण रोककर उपलब्ध स्टॉक वापस मंगाया है।
नागपुर के दो प्रमुख सरकारी अस्पतालों में मरीजों को दी जाने वाली पैरासिटामोल और ब्लड प्रेशर की दवा गुणवत्ता जांच में मानकों पर खरी नहीं उतरी। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट के बाद दोनों अस्पतालों को दवाओं का वितरण और इस्तेमाल तत्काल रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
जिन अस्पतालों में ये दवाएं भेजी गई थीं, उनमें सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल और इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल शामिल हैं। एफडीए के निर्देश के बाद अस्पताल प्रशासन ने उपलब्ध स्टॉक वापस मंगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी।
सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अविनाश गावंडे ने बताया कि एफडीए का पत्र मिलने के बाद करीब 1.25 लाख पैरासिटामोल टैबलेट वापस ले ली गई हैं और उनका वितरण रोक दिया गया है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में दूसरी कंपनियों की लगभग 2.5 लाख पैरासिटामोल गोलियां पहले से उपलब्ध हैं, इसलिए मरीजों के इलाज पर दवा की कमी का असर नहीं पड़ेगा।
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डॉ. गावंडे के मुताबिक, एफडीए की प्रयोगशाला रिपोर्ट में पैरासिटामोल की गोलियों के रंग को लेकर आपत्ति दर्ज की गई थी। जांच में लिए गए नमूने को निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया। यह दवा जुलाई में सरकारी मेडिकल कॉलेज पहुंची थी।
उन्होंने बताया कि दवाओं की खरीद के लिए मेडिकल कॉलेज में अलग विभाग है, जिसकी व्यवस्था फार्माकोलॉजी विभागाध्यक्ष की निगरानी में होती है। बाबासाहेब आंबेडकर अस्पताल में कुछ दवाओं का इस्तेमाल धीमी गति से हो रहा था, इसलिए वहां से दवाएं नागपुर के दोनों सरकारी अस्पतालों में भेजी गई थीं।
एफडीए की जांच में उच्च रक्तचाप के इलाज में इस्तेमाल होने वाली एक दवा का नमूना भी निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरा। दोनों दवाओं के नमूने अगस्त में नियमित जांच के तहत लिए गए थे। रिपोर्ट आने के बाद वितरण रोककर स्टॉक वापस मंगाने के निर्देश दिए गए।
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