बजट सत्र 2026: भ्रष्टाचार-मुक्त व्यवस्था के निर्माण में सरकार सफल, राष्ट्रपति मुर्मू का संसद में संदेश
बजट सत्र 2026 में राष्ट्रपति मुर्मू ने संसद को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार भ्रष्टाचार-मुक्त व्यवस्था, समावेशी विकास और विकसित भारत के लक्ष्य की ओर सफलतापूर्वक आगे बढ़ रही है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार (28 जनवरी, 2026) को बजट सत्र 2026-27 के पहले दिन संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया। अपने अभिभाषण में उन्होंने सामाजिक न्याय, समावेशी विकास और विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर केंद्र सरकार की दृष्टि को रेखांकित किया। राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार-मुक्त प्रणाली के निर्माण में सफलतापूर्वक आगे बढ़ रही है और बीते वर्षों में संस्थागत सुधारों के ठोस परिणाम सामने आए हैं।
अपने संबोधन की शुरुआत में राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि संसद को संबोधित करते हुए उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। उन्होंने पिछले वर्ष को भारत की तीव्र प्रगति और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के उत्सव के रूप में याद किया। राष्ट्रपति ने बताया कि देशभर में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाया गया और नागरिकों ने इसके रचयिता बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय को श्रद्धांजलि अर्पित की।
राष्ट्रपति ने कहा कि वर्ष 2026 के साथ भारत 21वीं सदी के दूसरे चरण में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पिछले 25 वर्षों की उपलब्धियों ने विभिन्न क्षेत्रों में एक मजबूत आधार तैयार किया है और यह वर्ष ‘विकसित भारत’ की यात्रा के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उनके अनुसार, शासन, अर्थव्यवस्था, सामाजिक कल्याण और बुनियादी ढांचे में किए गए सुधारों ने देश को नई दिशा दी है।
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इससे पहले राष्ट्रपति को संसद परिसर में औपचारिक स्वागत दिया गया। उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राष्ट्रपति का स्वागत किया। इस अवसर पर सरकार द्वारा सांस्कृतिक प्रतीक के रूप में अपनाए गए ‘सेंगोल’ को भी साथ रखा गया।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण गुरुवार (29 जनवरी, 2026) को संसद में आर्थिक सर्वेक्षण पेश करेंगी। इसके बाद केंद्रीय बजट 2026-27 को रविवार (1 फरवरी, 2026) को प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे देश की आर्थिक दिशा और नीतिगत प्राथमिकताएं स्पष्ट होंगी।
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