×
 

आज से संसद का मानसून सत्र शुरू, परिसीमन, नीट पेपर लीक और टीएमसी बगावत समेत कई मुद्दों पर हंगामे के आसार

संसद का मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है। परिसीमन, नीट पेपर लीक, राम मंदिर दान चोरी, ई-20 पेट्रोल और टीएमसी बगावत जैसे मुद्दों पर सरकार घिर सकती है।

संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है और इसके 13 अगस्त तक चलने की संभावना है। इस सत्र के हंगामेदार रहने के आसार हैं, क्योंकि एक ओर केंद्र सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने की तैयारी में है, वहीं विपक्ष राम मंदिर दान चोरी मामले, नीट (यूजी) पेपर लीक, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन, ई-20 पेट्रोल, महंगाई और परिसीमन जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है।

सर्वदलीय बैठक के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि देश की जनता चाहती है कि संसद सुचारु रूप से चले। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से सकारात्मक चर्चा में भाग लेने और सूचीबद्ध आठ विधेयकों पर रचनात्मक सहयोग देने की अपील की। बैठक में 40 राजनीतिक दलों के 58 नेताओं ने हिस्सा लिया।

इस सत्र में परिसीमन विधेयक को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) और ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में हालिया टूट के बाद संसद में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की संख्या बढ़ी है। ऐसे में अटकलें लगाई जा रही हैं कि सरकार एक बार फिर परिसीमन विधेयक पेश कर सकती है। हालांकि किरण रिजिजू ने संकेत दिया कि यदि कोई अतिरिक्त विधेयक लाया जाता है तो पहले उसे बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (बीएसी) में रखा जाएगा।

और पढ़ें: महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक पर विपक्ष में बढ़ सकती है फूट, कांग्रेस पड़ सकती है अलग-थलग: सूत्र

राजनीतिक दृष्टि से शिवसेना (यूबीटी), तृणमूल कांग्रेस और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) पर भी सभी की नजर रहेगी। शिवसेना (यूबीटी) के नौ लोकसभा सांसदों में से छह एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो चुके हैं। वहीं, तृणमूल कांग्रेस के 28 में से 20 सांसद नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में शामिल होकर एनडीए को समर्थन दे चुके हैं।

इसके अलावा विपक्ष राम मंदिर दान चोरी मामले, नीट पेपर लीक, पुनर्परीक्षा, ई-20 पेट्रोल नीति और ईंधन की बढ़ती कीमतों पर भी सरकार से जवाब मांगेगा। राम मंदिर दान चोरी मामले की जांच उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रही है, जिसने अपनी स्थिति रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में दाखिल कर दी है। इस मामले पर सोमवार को शीर्ष अदालत में भी सुनवाई होनी है।

और पढ़ें: डीएमके ने मौजूदा परिसीमन विधेयक का विरोध दोहराया, संशोधित मसौदे के बाद तय करेगी आगे की रणनीति

 
 
 
Gallery Gallery Videos Videos Share on WhatsApp Share