धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मंजूर, प्रह्लाद जोशी बने अंतरिम केंद्रीय शिक्षा मंत्री
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार कर लिया। प्रह्लाद जोशी को उनके मौजूदा मंत्रालयों के साथ अंतरिम केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
केंद्र सरकार में बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही वरिष्ठ भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को अंतरिम केंद्रीय शिक्षा मंत्री नियुक्त किया गया है। यह जानकारी शनिवार को जारी आधिकारिक आदेश में दी गई।
राष्ट्रपति सचिवालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार, प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार किया। साथ ही प्रधानमंत्री की सिफारिश पर प्रह्लाद जोशी को उनके मौजूदा मंत्रालयों के अतिरिक्त शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार भी सौंप दिया गया है।
प्रह्लाद जोशी फिलहाल केंद्र सरकार में उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय तथा नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का कार्यभार संभाल रहे हैं। अब वे इन मंत्रालयों के साथ-साथ अंतरिम रूप से शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी भी निभाएंगे।
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प्रह्लाद जोशी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं और कर्नाटक के धारवाड़ लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं। संगठन और सरकार दोनों में उनके लंबे अनुभव को देखते हुए उन्हें यह अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शिक्षा मंत्रालय का अंतरिम प्रभार प्रह्लाद जोशी को दिए जाने को केंद्र सरकार का तत्काल प्रशासनिक कदम माना जा रहा है। सरकार की ओर से फिलहाल नए स्थायी शिक्षा मंत्री की नियुक्ति को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
शिक्षा मंत्रालय देश की नई शिक्षा नीति, उच्च शिक्षा, विद्यालयी शिक्षा, कौशल विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों और राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के संचालन से संबंधित प्रमुख मंत्रालयों में शामिल है। ऐसे में मंत्रालय का कार्य सुचारु रूप से चलता रहे, इसके लिए अंतरिम व्यवस्था के तहत प्रह्लाद जोशी को यह अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार, यह व्यवस्था अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी। राजनीतिक हलकों में अब इस बात पर नजर रहेगी कि शिक्षा मंत्रालय के लिए स्थायी मंत्री की नियुक्ति कब की जाती है और सरकार इस संबंध में आगे क्या फैसला लेती है।
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