प्रतिभाओं को निखारने में शिक्षकों की अहम भूमिका: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर दी शुभकामनाएं
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर देशभर के शिक्षकों को शुभकामनाएं दीं और प्रतिभाओं को निखारने तथा राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को सराहा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर देशभर के शिक्षकों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने शिक्षकों की भूमिका को समाज और राष्ट्र के भविष्य के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण बताया।
राष्ट्रपति ने अपने संदेश में कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान देने का कार्य नहीं करते, बल्कि उनकी प्रतिभा और क्षमताओं को पहचानने तथा उन्हें निखारने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनके मार्गदर्शन से विद्यार्थियों में ज्ञान के साथ-साथ अनुशासन, जिम्मेदारी और बेहतर नागरिक बनने की भावना विकसित होती है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी देश की प्रगति की आधारशिला होती है और इस पूरी प्रक्रिया में शिक्षक सबसे महत्वपूर्ण स्तंभों में से एक हैं। शिक्षक अपने ज्ञान, अनुभव और समर्पण के माध्यम से विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं।
राष्ट्रपति मुर्मू ने देश के सभी शिक्षकों के योगदान की सराहना करते हुए उनके प्रति सम्मान और आभार व्यक्त किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि शिक्षक इसी तरह नई पीढ़ी को प्रेरित करते रहेंगे और विद्यार्थियों को अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।
भारत में शिक्षक दिवस हर वर्ष 5 सितंबर को मनाया जाता है। यह दिन देश के महान शिक्षाविद् और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। इस दिन विद्यालयों और शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों के योगदान को सम्मानित किया जाता है।
राष्ट्रपति का संदेश शिक्षक समुदाय के प्रति देश के सम्मान को दर्शाता है। उन्होंने शिक्षकों से जुड़ी उस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को रेखांकित किया, जिसके माध्यम से वे नई पीढ़ी की प्रतिभा को दिशा देकर देश के भविष्य को मजबूत बनाने में योगदान देते हैं।
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