पुदुचेरी विधानसभा ने कर्नाटक की प्रस्तावित मेकेदाटु बांध परियोजना का सर्वसम्मति से किया विरोध
पुदुचेरी विधानसभा ने कर्नाटक की मेकेदाटु बांध परियोजना के विरोध में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया। सरकार ने जल अधिकारों और कराईकल के किसानों के हित सुरक्षित रखने का संकल्प जताया।
पुदुचेरी। कर्नाटक सरकार की प्रस्तावित मेकेदाटु बांध परियोजना को लेकर पुदुचेरी विधानसभा ने कड़ा रुख अपनाया है। विधानसभा ने परियोजना के विरोध में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करते हुए केंद्र सरकार से कर्नाटक को बांध निर्माण की अनुमति नहीं देने का आग्रह किया है।
मुख्यमंत्री एन. रंगासामी ने सदन में प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि प्रस्तावित बांध तमिलनाडु सीमा से करीब पांच किलोमीटर दूर स्थित है। इसका निर्माण पुदुचेरी के हितों के प्रतिकूल होगा। उन्होंने कहा कि मेकेदाटु परियोजना कावेरी जल विवाद न्यायाधिकरण के अंतिम फैसले के भी अनुरूप नहीं है, जिसे उच्चतम न्यायालय ने बरकरार रखा है।
मुख्यमंत्री ने केंद्र से आग्रह किया कि कावेरी नदी बेसिन के सभी राज्यों, विशेष रूप से पुदुचेरी की सहमति के बिना कर्नाटक को परियोजना पर आगे कोई कार्रवाई करने से रोका जाए। उन्होंने कहा कि पुदुचेरी सरकार अपने जल अधिकारों की रक्षा के लिए हरसंभव प्रशासनिक और कानूनी कदम उठाएगी।
रंगासामी ने विशेष रूप से कराईकल के किसानों के हितों की रक्षा का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जल उपलब्धता से जुड़े अधिकारों की सुरक्षा किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। विधानसभा ने सरकार की ओर से उठाए जाने वाले प्रशासनिक और कानूनी कदमों को भी सर्वसम्मति से समर्थन दिया।
गौरतलब है कि यह प्रस्ताव पहले एक गैर-सरकारी सदस्य के प्रस्ताव के रूप में विधानसभा में लाया गया था। बाद में इसे सरकार के प्रस्ताव में बदल दिया गया और सदन ने इसे सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी।
प्रोटेम स्पीकर ए. अनबझगन ने छह दिन तक चले विधानसभा सत्र के समापन की घोषणा करते हुए सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया। यह सत्र 24 अगस्त से शुरू हुआ था।
मेकेदाटु परियोजना के खिलाफ पुदुचेरी विधानसभा का प्रस्ताव कावेरी जल बंटवारे को लेकर राज्यों के बीच जारी मतभेदों के बीच महत्वपूर्ण राजनीतिक कदम माना जा रहा है।