पुणे जिला परिषद चुनाव में एनसीपी (अजित पवार गुट) की बड़ी बढ़त, ग्रामीण क्षेत्रों में मजबूत पकड़
पुणे जिला परिषद चुनाव में एनसीपी (अजित पवार गुट) 43 सीटों के साथ आगे है। पंचायत समितियों में भी बढ़त जारी, जिससे ग्रामीण महाराष्ट्र में पार्टी की मजबूत पकड़ दिख रही है।
पुणे जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव 2026 की मतगणना में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) ने शानदार बढ़त हासिल कर ली है। 9 फरवरी को सुबह 10 बजे शुरू हुई मतगणना के शुरुआती रुझानों में एनसीपी 43 सीटों पर आगे चल रही है, जिससे लगभग एक दशक बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों में उसकी मजबूत पकड़ दिखाई दे रही है। भाजपा 17 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि शिवसेना (शिंदे गुट) 12 सीटों पर और एनसीपी (शरद पवार गुट) 5 सीटों पर आगे है।
पंचायत समितियों में भी एनसीपी ने जबरदस्त प्रदर्शन किया है। पार्टी बारामती, इंदापुर, आंबेगांव, शिरूर, हवेली, दौंड और भोर पंचायत समितियों में बढ़त बनाए हुए है। यह परिणाम अजित पवार की राजनीतिक विरासत की मजबूती को दर्शाता है, खासकर उनके निधन के बाद यह चुनाव भावनात्मक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ये चुनाव पहले 5 फरवरी को होने थे, लेकिन 28 जनवरी को उपमुख्यमंत्री अजित पवार की चार्टर विमान दुर्घटना में मौत के बाद तीन दिन के राजकीय शोक के कारण इन्हें 7 फरवरी तक टाल दिया गया था। इस वजह से चुनाव में भावनात्मक माहौल भी देखने को मिला और पार्टी नेताओं ने इसे “अजित दादा” को श्रद्धांजलि के रूप में देखा।
इन चुनावों में 731 जिला परिषद और 1,462 पंचायत समिति सीटों के लिए 7,438 उम्मीदवार मैदान में थे। करीब 2.08 करोड़ मतदाताओं ने मतदान किया, जो 2017 के बाद इस क्षेत्र के सबसे बड़े स्थानीय चुनाव हैं।
2017 में भी पुणे जिला परिषद में एनसीपी ने 44 सीटें जीतकर ग्रामीण राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ साबित की थी। मौजूदा रुझान संकेत दे रहे हैं कि पार्टी एक बार फिर ग्रामीण महाराष्ट्र में अपना दबदबा कायम रखने की ओर बढ़ रही है।
और पढ़ें: 2017 लातूर जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव: भाजपा को मिला था स्पष्ट बहुमत