दुनिया में हो रहे बड़े संरचनात्मक बदलाव, जी-7 से आगे बढ़ चुकी है वैश्विक व्यवस्था: पुतिन
व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि वैश्विक व्यवस्था गहरे बदलावों से गुजर रही है और जी-7 से आगे बढ़ चुकी है। उन्होंने ब्रिक्स की आर्थिक ताकत और संभावनाओं को रेखांकित किया।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को कहा कि दुनिया इस समय गहरे और बड़े संरचनात्मक बदलावों के दौर से गुजर रही है तथा वैश्विक व्यवस्था अब जी-7 से आगे बढ़ चुकी है। उन्होंने ब्रिक्स देशों की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता की भी सराहना की।
नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ब्रिक्स बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए पुतिन ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में दुनिया के कुल सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी का 40 प्रतिशत से अधिक हिस्सा ब्रिक्स देशों से आया है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देश दुनिया की आधी से अधिक आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिसके कारण उनके पास गतिशील और मजबूत घरेलू बाजार मौजूद हैं।
पुतिन ने कहा कि दुनिया में इस समय गहरे और व्यापक संरचनात्मक परिवर्तन हो रहे हैं। उनके मुताबिक, 20वीं सदी के दूसरे हिस्से में आर्थिक विकास के प्रमुख इंजन रहे पुराने केंद्रों की जगह अब नए विकास केंद्र ले रहे हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पुराने आर्थिक केंद्रों के पास अभी भी मजबूत बुनियादी ढांचा, तकनीकी और वैज्ञानिक क्षमताएं तथा प्रतिष्ठित वैज्ञानिक संस्थान मौजूद हैं। हालांकि, वैश्विक अर्थव्यवस्था में बदलाव स्वाभाविक प्रक्रिया है और नए आर्थिक केंद्रों का उभरना इसी परिवर्तन का हिस्सा है।
मोदी-पुतिन की अहम मुलाकात
इससे पहले पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठक की। दोनों नेताओं ने रक्षा और ऊर्जा सहयोग मजबूत करने के साथ व्यापार बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की। भारत और रूस ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
बैठक के दौरान पीएम मोदी ने पुतिन को महान तमिल कवि और दार्शनिक तिरुवल्लुवर की प्रसिद्ध कृति ‘तिरुक्कुरल’ का रूसी भाषा में अनुवादित संस्करण भी भेंट किया।
यह करीब एक सप्ताह में मोदी और पुतिन की दूसरी मुलाकात थी। इससे पहले दोनों नेता किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन की बैठक से इतर मिले थे। तब मोदी ने रूस-यूक्रेन युद्ध में संघर्षविराम और बातचीत तथा कूटनीति के जरिए विवाद सुलझाने की अपील की थी।
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