इंदौर में पानी नहीं, ज़हर बांटा जा रहा था: मौतों पर राहुल गांधी का BJP सरकार पर हमला
इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों पर राहुल गांधी ने BJP सरकार पर हमला किया, जांच में सीवेज मिलावट की पुष्टि हुई, कई अधिकारी निलंबित और मुआवजा घोषित।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश की BJP सरकार पर इंदौर में पीने के पानी के दूषित होने से हुई मौतों को लेकर तीखा हमला बोला। इंदौर, जिसे लगातार देश का सबसे स्वच्छ शहर घोषित किया जाता रहा है, वहां जहरीले पानी से फैले डायरिया के प्रकोप ने गंभीर जनस्वास्थ्य संकट पैदा कर दिया है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच X पर एक लंबी पोस्ट में लिखा, “इंदौर में पानी नहीं, बल्कि ज़हर बांटा जा रहा था और प्रशासन कुंभकर्ण की नींद सोता रहा।” उन्होंने कहा कि घर-घर मातम पसरा है, गरीब और कमजोर लोग असहाय हैं और ऊपर से BJP नेताओं के अहंकारी बयान हालात को और बिगाड़ रहे हैं।
उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के एक विवादित बयान का भी ज़िक्र किया, जिसमें उन्होंने दूषित पानी से हुई मौतों पर पूछे गए सवालों पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी। राहुल गांधी ने कहा कि जिन घरों के चूल्हे बुझ गए, उन्हें सांत्वना की जरूरत थी, लेकिन सरकार ने घमंड परोसा।
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कांग्रेस पार्टी ने भी X पर बयान जारी कर कहा कि मध्य प्रदेश में लोग दूषित पानी पीने से मर रहे हैं और सवाल उठाने पर BJP सरकार के मंत्री गुंडई भरी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, दूषित पानी से फैले डायरिया के कारण अब तक कम से कम 12 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 200 से अधिक लोग विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। इनमें से 32 मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें आईसीयू में रखा गया है।
शहर के एक मेडिकल कॉलेज की प्रयोगशाला जांच में पुष्टि हुई है कि भागीरथपुरा क्षेत्र में बने एक नए सार्वजनिक शौचालय के पास से सीवेज का पानी पेयजल पाइपलाइन में मिल गया था। अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय दुबे ने कहा कि पूरी जलापूर्ति लाइन की जांच की जा रही है और लोगों को पानी उबालकर पीने की सलाह दी गई है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर पहुंचकर मरीजों से मुलाकात की और समीक्षा बैठक की। उन्होंने आश्वासन दिया कि ऐसी घटना दोबारा नहीं होगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब तक लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के दो अधिकारियों को निलंबित और एक को बर्खास्त किया जा चुका है। मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपये का मुआवजा दिया गया है।
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