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राजस्थान में अवैध बांग्लादेशी घुसपैठ की जांच तेज, फर्जी दस्तावेज और नेटवर्क की हर एंगल से पड़ताल

राजस्थान के चार शहरों से बांग्लादेशी महिलाओं की गिरफ्तारी के बाद जांच तेज हो गई है। पुलिस फर्जी दस्तावेज, वित्तीय लेनदेन और संभावित नेटवर्क सहित सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

राजस्थान में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने जांच तेज कर दी है। जयपुर, नागौर, अजमेर और भीलवाड़ा से बांग्लादेशी महिलाओं की गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। शुरुआती जांच में फर्जी दस्तावेज, पहचान छिपाने के लिए हिंदू रीति-रिवाज अपनाने और धन के लेनदेन से जुड़े कुछ इनपुट सामने आए हैं। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी जारी है और किसी भी संगठित या देशविरोधी गतिविधि से संबंध को लेकर अभी कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है।

जांच एजेंसियों के अनुसार, नागौर, भीलवाड़ा और अजमेर में हुई कार्रवाई के बाद मिले सुरागों के आधार पर जयपुर के नारायण विहार इलाके में छापेमारी कर रूबिया नामक महिला को हिरासत में लिया गया। प्रारंभिक जांच में उसके अवैध रूप से भारत में रहने की बात सामने आई है। लगातार चार शहरों से सामने आए मामलों में कुछ समानताएं मिलने के बाद एजेंसियां संभावित नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं।

पूछताछ के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि महिला कथित तौर पर अपनी वास्तविक पहचान छिपाने के लिए हिंदू रीति-रिवाज अपनाकर रह रही थी। उसके पास से मिले मोबाइल फोन में एक हिंदू युवक के साथ विवाह की तस्वीर भी मिली है। पुलिस यह जांच कर रही है कि यह विवाह वास्तविक था या केवल पहचान छिपाने के उद्देश्य से किया गया था।

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सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार महिलाओं के बीच आपसी संपर्क के संकेत भी मिले हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इन महिलाओं ने अलग-अलग स्थानों पर हिंदू युवकों से विवाह किया था और इसके पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय था। इसी क्रम में जयपुर पुलिस ने दो बांग्लादेशी युवकों को भी गिरफ्तार किया है।

जांच के दौरान कुछ वित्तीय लेनदेन की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस यह पता लगा रही है कि भारत में कमाए गए पैसे कथित तौर पर एजेंटों के माध्यम से कोलकाता के रास्ते बांग्लादेश भेजे जाते थे। इसके साथ ही फर्जी आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।

पूछताछ में महिला ने दावा किया कि वह असम के रास्ते अवैध रूप से भारत में दाखिल हुई थी। उसके पास से बांग्लादेश का पासपोर्ट भी मिला है, लेकिन उसमें भारत आने या जाने की वैध इमिग्रेशन एंट्री दर्ज नहीं मिली। पुलिस पूरे मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है और अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही किसी भी बड़े नेटवर्क या अन्य गतिविधियों के बारे में निष्कर्ष निकाला जाएगा।

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