×
 

राजेंद्र पाल गौतम का दावा- कांग्रेस के बिना यूपी में नहीं बन सकता कोई मुख्यमंत्री, अखिलेश पर भी साधा निशाना

कांग्रेस के यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के बिना यूपी में मुख्यमंत्री नहीं बन सकता। उन्होंने सम्मानजनक सीट बंटवारे की बात कही।

सपा के साथ गठबंधन पर कांग्रेस का बड़ा दावा

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच संभावित गठबंधन की चर्चाओं के बीच दोनों दलों के नेताओं के बयानों से सियासी तनाव भी बढ़ता दिखाई दे रहा है।

कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने बुधवार को कहा कि कांग्रेस के बिना उत्तर प्रदेश में कोई मुख्यमंत्री नहीं बन सकता। उन्होंने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा को 37 सीटें मिलीं, लेकिन उस समय उत्तर प्रदेश में उसकी अपनी सरकार नहीं थी।

और पढ़ें: सोनिया गांधी की आत्मकथा नवंबर में होगी प्रकाशित, निजी जीवन और राजनीति के सफर का खुलेगा राज

गौतम ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे को लेकर बातचीत जल्द शुरू होगी और कांग्रेस किसी भी गठबंधन में सम्मानजनक समझौते की पक्षधर है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस का संगठन अब प्रदेश में पहले की तुलना में मजबूत है और गांव-गांव में पार्टी के कार्यकर्ता मौजूद हैं।

मायावती को साथ लाने की वकालत

यह पूछे जाने पर कि क्या मायावती भी भाजपा के खिलाफ विपक्षी गठबंधन का हिस्सा बन सकती हैं, राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि भाजपा के खिलाफ समान विचारधारा वाले दलों को एक साथ आना चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि व्यापक विपक्षी एकजुटता चुनावी रणनीति के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।

गौतम ने यह भी कहा कि कांग्रेस को 2017 के विधानसभा चुनाव की तुलना में इस बार अधिक सीटें मिलनी चाहिए।

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर द्वारा सपा और कांग्रेस पर लगातार किए जा रहे हमलों पर गौतम ने कहा कि उनकी राजभर से इस मुद्दे पर कोई बातचीत नहीं हुई है।

इमरान मसूद भी कर चुके हैं सपा पर हमला

इससे पहले कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा था। उन्होंने आरोप लगाया था कि सपा मुस्लिम समुदाय से जुड़े मुद्दों पर पर्याप्त आवाज नहीं उठा रही है।

मसूद ने कहा था कि यदि सपा वास्तव में भाजपा के खिलाफ लड़ना चाहती है तो उसे कांग्रेस के साथ गठबंधन को ईमानदारी से अंतिम रूप देना चाहिए। उनके बयान के बाद गठबंधन को लेकर दोनों दलों के बीच सीट बंटवारे और रणनीति पर चर्चा और महत्वपूर्ण हो गई है।

और पढ़ें: सीतापुर में कांग्रेस को खाली करना होगा कार्यालय, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बेदखली पर रोक से किया इनकार

 
 
 
Gallery Gallery Videos Videos Share on WhatsApp Share