रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का जर्मनी दौरा 21 अप्रैल से, पनडुब्बी सौदा और एआई सहयोग पर नजर
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जर्मनी दौरे पर रक्षा सहयोग, पनडुब्बी सौदे, एआई और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने के लिए अहम बैठकें करेंगे।
भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 21 अप्रैल से तीन दिवसीय जर्मनी दौरे पर जा रहे हैं, जहां उनका मुख्य फोकस भारत और जर्मनी के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करना होगा। इस दौरान वह अपने जर्मन समकक्ष बोरिस पिस्टोरियस और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ महत्वपूर्ण बैठकें करेंगे।
यह पिछले सात वर्षों में किसी भारतीय रक्षा मंत्री का पहला जर्मनी दौरा है। इससे पहले निर्मला सीतारमण ने फरवरी 2019 में जर्मनी का दौरा किया था। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच चल रहे रक्षा सहयोग की समीक्षा की जाएगी और नए सहयोग के अवसर तलाशे जाएंगे।
बैठकों में रक्षा औद्योगिक सहयोग को बढ़ाने, सैन्य-से-सैन्य संबंधों को मजबूत करने और साइबर सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) तथा ड्रोन जैसे उभरते क्षेत्रों में साझेदारी पर चर्चा होगी। साथ ही, संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों के प्रशिक्षण में सहयोग के लिए समझौते पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।
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इस दौरे के दौरान भारत और जर्मनी के बीच छह उन्नत पारंपरिक पनडुब्बियों (प्रोजेक्ट 75आई) के लिए बड़ा रक्षा सौदा भी हो सकता है। इस सौदे की अनुमानित लागत ₹70,000 करोड़ से ₹99,000 करोड़ के बीच बताई जा रही है। इन पनडुब्बियों का निर्माण मुंबई स्थित मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड और जर्मनी की कंपनी थिसेनक्रुप मरीन सिस्टम्स के सहयोग से भारत में किया जाएगा।
यह परियोजना भारतीय नौसेना की समुद्री ताकत को और मजबूत करेगी। इसके अलावा, राजनाथ सिंह जर्मनी की प्रमुख रक्षा कंपनियों के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे, ताकि ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत संयुक्त विकास और उत्पादन को बढ़ावा दिया जा सके।