राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी की जांच पूरी, ट्रस्ट को सौंपी अंतिम रिपोर्ट
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी ने जांच पूरी कर अंतिम रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंप दी है। मामले में आठ नामजद समेत अन्य अज्ञात आरोपियों पर मुकदमा दर्ज है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपनी जांच पूरी कर अंतिम रिपोर्ट श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दी है। उत्तर प्रदेश के गृह विभाग ने एसआईटी की रिपोर्ट के साथ आगे की कार्रवाई से जुड़ी योजनाएं भी ट्रस्ट को भेजी हैं।
लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय एसआईटी में रेंज के पुलिस महानिरीक्षक किरण एस. और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन कुमार शामिल थे। टीम ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपते हुए कई महत्वपूर्ण सिफारिशें की थीं।
एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को पहली प्राथमिकी दर्ज की गई। श्रीराम जन्मभूमि थाने में दर्ज अपराध संख्या 90/2026 में आठ नामजद और कुछ अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया। यह प्राथमिकी ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की लिखित शिकायत पर दर्ज हुई थी। आरोपियों में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रामाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू शामिल हैं।
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मामले में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(ए) के तहत भी कार्रवाई की गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने भी दिए थे निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी को जांच में तेजी लाने और मामले को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने का निर्देश दिया था। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने जांच की प्रगति पर सीलबंद लिफाफे में स्थिति रिपोर्ट मांगी थी।
राजनीतिक विवाद भी बढ़ा
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने चढ़ावे की कथित चोरी सहित ट्रस्ट के कामकाज पर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि यह करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा मामला है। वहीं, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने विपक्ष पर इस मुद्दे को बार-बार उठाकर सदन का समय बर्बाद करने का आरोप लगाया और माफी की मांग की।