यूपी विधानसभा में राम मंदिर मुद्दे पर हंगामा, स्पीकर की मुस्लिम विधायकों पर टिप्पणी से सियासी विवाद तेज
उत्तर प्रदेश विधानसभा में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर चर्चा की मांग को लेकर हंगामा हुआ। स्पीकर की मुस्लिम विधायकों पर टिप्पणी के बाद राजनीतिक विवाद और बढ़ गया।
उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन राम मंदिर मुद्दे को लेकर जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष ने अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले पर तत्काल चर्चा की मांग की, जिसके बाद सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली।
हंगामे के दौरान विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की एक टिप्पणी ने नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया। उन्होंने समाजवादी पार्टी के मुस्लिम विधायकों के राम मंदिर मुद्दे पर बोलने को लेकर कहा कि यह देखकर अच्छा लग रहा है कि वे भी राम मंदिर की बात कर रहे हैं। उनकी इस टिप्पणी के बाद सदन में फिर से राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए।
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने नियम 311 के तहत राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह जनहित का गंभीर मामला है और इस पर तत्काल चर्चा होनी चाहिए।
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने विपक्ष की मांग को खारिज करते हुए कहा कि नियम 311 को सही तरीके से पढ़ने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यह मामला इतना तात्कालिक नहीं है कि सदन की पूरी कार्यवाही रोक दी जाए। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि यदि पहले से तय एजेंडे के साथ सदन में आए हैं तो बात अलग है।
इसके बाद समाजवादी पार्टी के विधायक सदन के बीचों-बीच पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। उन्होंने चढ़ावा चोरी के आरोपों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने विपक्ष के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि आस्था से जुड़े मुद्दे का राजनीतिकरण किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग आज भगवान राम के नाम पर सवाल उठा रहे हैं, उन्होंने पहले राम मंदिर आंदोलन का विरोध किया था।
खन्ना ने कहा कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच चल रही है और मामला सुप्रीम कोर्ट में भी विचाराधीन है। इसलिए विधानसभा में इस पर चर्चा नहीं की जा सकती। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, विरोध के बीच स्पीकर सतीश महाना ने सपा के मुस्लिम विधायकों शुएब अंसारी, उमर अली और शाहिद मंजूर का नाम लेते हुए कहा कि यह देखकर खुशी हो रही है कि वे राम मंदिर के मुद्दे पर बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले जब अयोध्या में राम मंदिर जाने का निमंत्रण दिया गया था, तब कई विधायक नहीं गए थे।
स्पीकर की इस टिप्पणी के बाद सदन में माहौल और गर्म हो गया और विपक्ष ने इसे लेकर विरोध दर्ज कराया। लगातार हंगामे के कारण विधानसभा की कार्यवाही प्रभावित हुई।
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