पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड लश्कर कमांडर सैफुल्लाह कसूरी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट
जम्मू की विशेष एनआईए अदालत ने पहलगाम हमले के कथित मास्टरमाइंड लश्कर कमांडर सैफुल्लाह कसूरी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया। एनआईए ने उसके आतंकी नेटवर्क से जुड़े सबूत पेश किए।
जम्मू की विशेष राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) अदालत ने अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम आतंकी हमले के कथित मास्टरमाइंड और पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) कमांडर सैफुल्लाह कसूरी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। इस हमले में एक नेपाली नागरिक समेत 26 पर्यटकों की मौत हुई थी।
पाकिस्तान के कसूर जिले के चांगा मांगा निवासी सैफुल्लाह सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर दो दशक से अधिक समय से है। वह साजिद जट्ट, अली भाई, हबीबुल्लाह मलिक, लंगड़ा, नूमी, नुमान, उस्मान हबीब और शानी जैसे कई उपनामों से काम करता रहा है। उस पर सीमा पार से एलईटी के अभियानों के संचालन में अहम भूमिका निभाने का आरोप है।
वारंट पाकिस्तानी आतंकी अब्दुल्ला उर्फ अबू हुरैरा के नेतृत्व वाले एलईटी मॉडल की जांच के सिलसिले में जारी हुआ। एनआईए अब्दुल्ला, पाकिस्तानी नागरिक उस्मान उर्फ खुबैब और नेटवर्क से जुड़े तीन स्थानीय ओवरग्राउंड वर्करों को गिरफ्तार कर चुकी है।
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एनआईए ने अदालत को बताया कि सैफुल्लाह आतंकियों को हथियार, धन और घाटी में सक्रिय आतंकियों को वास्तविक समय में अभियान संबंधी निर्देश मुहैया कराने वाली अहम कड़ी था। जांचकर्ताओं ने गिरफ्तार आतंकियों में से एक से सैफुल्लाह से जुड़े कथित टेलीग्राम आईडी भी बरामद किए। एजेंसी के अनुसार, डिजिटल सुरागों से सुरक्षा बलों, नागरिकों और जम्मू-कश्मीर में सरकारी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने के निर्देश सामने आए।
एनआईए के मुताबिक, सैफुल्लाह 2005 से 2007 के बीच दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में एलईटी कमांडर के तौर पर सक्रिय था। बाद में वह पाकिस्तान चला गया और वहां सुरक्षित ठिकानों से आतंकी गतिविधियों को संचालित करने लगा।
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