दिल्ली के सत्य निकेतन हादसे में दिबियापुर के पवन की मौत, परिवार का इकलौता बेटा था
दिल्ली के सत्य निकेतन में पीजी इमारत गिरने से दिबियापुर के 22 वर्षीय पवन की मौत हो गई। पवन परिवार का इकलौता बेटा था और कंप्यूटर की पढ़ाई कर रहा था।
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को पांच मंजिला पीजी इमारत ढहने से कई परिवारों के सपने बिखर गए। हादसे में उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के दिबियापुर निवासी 22 वर्षीय पवन की भी मौत हो गई। पवन दिल्ली विश्वविद्यालय के दक्षिणी परिसर के पास रहकर बीएससी कंप्यूटर की पढ़ाई कर रहा था।
पवन ने इसी साल 20 जुलाई को बीएससी कंप्यूटर में दाखिला लिया था और पढ़ाई के लिए सत्य निकेतन में पीजी लेकर रह रहा था। परिजनों के मुताबिक, रक्षाबंधन के बाद वह दिल्ली वापस आया था। रविवार को इमारत ढहने के बाद से ही परिवार को पवन की कोई जानकारी नहीं मिल रही थी।
मलबे से मिला शव
हादसे के बाद सामने आई तस्वीरों से परिवार को अनहोनी की आशंका हुई। हालांकि, घटनास्थल पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी होने के कारण तत्काल पवन की पहचान नहीं हो सकी। सोमवार सुबह परिजन और परिचित सत्य निकेतन पहुंचे। पहचान की प्रक्रिया के बाद मलबे से बरामद शव पवन का होने की पुष्टि हुई।
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पवन के रिश्ते के चाचा नीरज कुमार ने बताया कि परिवार को टेलीविजन के जरिए हादसे की जानकारी मिली थी। उन्हें पता चला कि इमारत में दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र रहते थे। इसके बाद परिवार लगातार पवन की तलाश में जुटा रहा।
चार बहनों का इकलौता भाई
पवन अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी चार बहनें हैं और वह सभी में सबसे छोटा था। उसकी बहनें अभी पढ़ाई कर रही हैं। पिता विशंभर नाथ सेवानिवृत्त फार्मासिस्ट हैं, जबकि मां की तबीयत खराब रहती है। बेटे की मौत की खबर से परिवार में मातम पसरा है। परिजन शव लेने के लिए दिल्ली रवाना हो गए हैं।
मालिक समेत तीन गिरफ्तार
हादसे के मामले में पुलिस ने इमारत के मालिक हरिराम गुप्ता, उनकी पत्नी उर्मिला और बेटे महेश को गिरफ्तार किया है। वहीं, एमसीडी के उपायुक्त समेत पांच अधिकारियों को निलंबित किया गया है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सरकार ने बिना मंजूरी अतिरिक्त मंजिल बनाने वाली इमारतों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं। हादसे में अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है और राहत-बचाव अभियान जारी है।