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3 हफ्तों में फैसला करो या सामना करो निंदा का : SC ने तेलंगाना स्पीकर को BRS विधायकों की अयोग्यता पर अंतिम चेतावनी दी

सुप्रीम कोर्ट ने तेलंगाना स्पीकर को बीआरएस विधायकों की अयोग्यता पर तीन सप्ताह में फैसला करने का अंतिम मौका दिया, अन्यथा निंदा कार्यवाही की चेतावनी दी।

सुप्रीम कोर्ट ने तेलंगाना विधानसभा के स्पीकर को बीआरएस (Bharat Rashtra Samiti) के विधायकों की अयोग्यता याचिकाओं पर अंतिम मौका दिया है। इन विधायकों ने बीआरएस टिकट पर जीत हासिल करने के बाद कांग्रेस पार्टी में शामिल होने का रास्ता अपनाया था।

शुक्रवार को जस्टिस संजय करोल और ए. जी. मसिह की पीठ ने स्पीकर को आदेश दिया कि वे बचे हुए मामलों पर तीन सप्ताह के भीतर निर्णय लें। अदालत ने चेतावनी दी कि अगर स्पीकर ने समय पर फैसला नहीं किया, तो उनके खिलाफ निंदा (Contempt) की कार्यवाही की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “हम उम्मीद करते हैं कि स्पीकर सकारात्मक निर्णय लेंगे, अन्यथा हम निंदा की कार्यवाही शुरू करेंगे।”

इस मामले पर शीर्ष अदालत दिसंबर 2024 से संज्ञान ले रखी है और कई अवसरों पर स्पीकर से इन 10 अयोग्यता याचिकाओं पर निर्णय लेने को कहा गया। 31 जुलाई, 2025 को कोर्ट ने स्पीकर को तीन महीने का समय दिया था, लेकिन अनुपालन न होने पर निंदा याचिकाएं दाखिल की गईं। दिसंबर 2025 में स्पीकर ने 10 में से सात याचिकाओं को खारिज कर दिया था, लेकिन तीन याचिकाएं अब भी लंबित हैं।

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सुप्रीम कोर्ट की यह कार्रवाई तेलंगाना विधानसभा में राजनीतिक स्थिरता बनाए रखने और विधायकों की पार्टी बदलने की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के प्रयास का हिस्सा है। अदालत ने स्पष्ट किया कि तीन सप्ताह के भीतर निर्णय न लेना गंभीर रूप से अनुचित माना जाएगा और विधायी प्रक्रियाओं की गरिमा पर असर डालता है।

अब तेलंगाना स्पीकर के सामने यह अंतिम मौका है कि वे लंबित याचिकाओं पर फैसला करें और न्यायिक आदेशों का पालन सुनिश्चित करें।

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