मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी, जांच में हस्तक्षेप पर जताई चिंता
सुप्रीम कोर्ट ने मतदान से पहले ममता बनर्जी को जांच में हस्तक्षेप पर फटकार लगाई, कहा इससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया खतरे में पड़ी और पूरा तंत्र प्रभावित हुआ।
मतदान से एक दिन पहले भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने ममता बनर्जी को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि उनके कदमों ने पूरे तंत्र को खतरे में डाल दिया है। अदालत ने कहा कि चल रही जांच में उनका हस्तक्षेप लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित कर रहा है।
यह टिप्पणी बुधवार को सुनवाई के दौरान आई, जब अदालत ने स्पष्ट किया कि यह केंद्र बनाम राज्य का मामला नहीं है, बल्कि एक ऐसी स्थिति है जिसमें एक मुख्यमंत्री जांच के महत्वपूर्ण चरण में हस्तक्षेप कर रही हैं। अदालत ने कहा कि इस तरह का व्यवहार सीधे तौर पर लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर करता है।
पीठ ने सख्त शब्दों में कहा, “यह राज्य और केंद्र के बीच विवाद नहीं है। यह ऐसा मामला है जहां एक मुख्यमंत्री जांच के बीच में दखल देकर लोकतंत्र को जोखिम में डाल रही हैं।” न्यायाधीशों ने यह भी कहा कि उन्होंने कभी कल्पना नहीं की थी कि देश में ऐसा दिन आएगा जब कोई मुख्यमंत्री जांच के बीच हस्तक्षेप करेगा।
एक और तीखी टिप्पणी में अदालत ने कहा, “मुख्यमंत्री ने पूरे सिस्टम को खतरे में डाल दिया है।”
इसी बीच, पश्चिम बंगाल में 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव दो चरणों में आयोजित होंगे। पहला चरण 23 अप्रैल और दूसरा चरण 29 अप्रैल को होगा। मतगणना 4 मई को की जाएगी।
चुनाव से ठीक पहले आई इस टिप्पणी ने राजनीतिक माहौल को और अधिक गर्म कर दिया है और प्रशासनिक निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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