गृह मंत्रालय ने पाकिस्तान स्थित शहजाद भट्टी नेटवर्क को यूएपीए के तहत आतंकी संगठन घोषित किया
गृह मंत्रालय ने पाकिस्तान स्थित शहजाद भट्टी नेटवर्क को यूएपीए के तहत आतंकवादी संगठन घोषित किया। अधिकारियों के अनुसार, नेटवर्क युवाओं की भर्ती, हथियार तस्करी और जासूसी गतिविधियों में शामिल था।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को पाकिस्तान स्थित शहजाद भट्टी नेटवर्क (एसबीएन) को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी यूएपीए के तहत आतंकवादी संगठन घोषित किया। मंत्रालय ने कहा कि यह नेटवर्क सीमा पार से हथियार, विस्फोटक और मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल है तथा युवाओं और छोटे अपराधियों को आतंकवाद की ओर प्रेरित करता है।
गृह मंत्रालय ने बताया कि यह सिंडिकेट भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द को निशाना बनाने के साथ नफरत फैलाने वाली डिजिटल सामग्री भी प्रकाशित करता है।
मंत्रालय की ओर से जारी राजपत्र अधिसूचना में कहा गया कि शहजाद भट्टी नेटवर्क का उद्देश्य युवाओं और स्थानीय अपराधियों को बहला-फुसलाकर सीमा पार से हथियार, विस्फोटक और मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल करना है। सरकार के अनुसार, उसकी गतिविधियां देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था, सांप्रदायिक सद्भाव और आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करती हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने पहले मुंबई में करीब 30 ऐसे युवाओं की पहचान की थी, जिनकी उम्र 20 वर्ष से कम थी और जो इंस्टाग्राम के जरिए पाकिस्तान स्थित गैंगस्टर शहजाद भट्टी के संपर्क में आए थे।
जांच में सामने आया कि भट्टी कथित तौर पर ऑनलाइन गेम के ‘‘मिशन’’ की तरह युवाओं को छोटे-छोटे काम देता था। इनमें सार्वजनिक स्थानों, सरकारी इमारतों और पुलिस थानों की तस्वीरें लेने या छोटे वीडियो बनाने जैसे कार्य शामिल थे। अधिकारियों के अनुसार, मुंबई के अधिकांश युवाओं ने ये निर्देश पूरे नहीं किए।
हालांकि, उत्तर प्रदेश एटीएस द्वारा गिरफ्तार 20 वर्षीय कृष्ण मिश्रा के मामले में गतिविधियां आगे बढ़ने का आरोप है। अधिकारियों के अनुसार, उसे एक संवेदनशील प्रतिष्ठान की रिकॉर्डिंग करने का निर्देश दिया गया था। मिश्रा और उसके सह-आरोपी दानियाल अशरफ पर पाकिस्तान स्थित हैंडलरों के संपर्क में रहने और उनके लिए काम करने का आरोप है।
अधिकारियों ने बताया कि मिश्रा ने भिवंडी के नारपोली पुलिस स्टेशन की तस्वीर और पास के पुल का 18 सेकंड का वीडियो कथित तौर पर पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों को भेजा था। उसके फोन से एन्क्रिप्टेड चैट, वीडियो कॉल, निगरानी से जुड़े फुटेज और वित्तीय लेनदेन के रिकॉर्ड मिलने की बात कही गई है।
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