शिवराज सिंह चौहान ने कॉरपोरेट जगत से की अपील, सीएसआर को भारतीय ट्रस्टीशिप परंपरा से जोड़ने का आह्वान
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कॉरपोरेट क्षेत्र से सीएसआर को भारतीय ट्रस्टीशिप परंपरा के अनुरूप अपनाने और किसानों, कृषि अनुसंधान व ग्रामीण विकास में योगदान देने की अपील की।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कॉरपोरेट क्षेत्र से भारतीय संस्कृति की ट्रस्टीशिप परंपरा को अपनाने और अपनी कमाई के एक हिस्से को समाज के कल्याण के लिए समर्पित करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि उद्योग जगत को किसानों, कृषि अनुसंधान और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में सक्रिय योगदान देना चाहिए।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत की परंपरा में धन को केवल व्यक्तिगत संपत्ति नहीं बल्कि समाज की जिम्मेदारी के रूप में देखा गया है। उन्होंने कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) को इसी सोच के साथ आगे बढ़ाने की जरूरत बताई।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश के विकास में निजी क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। उद्योगों की आर्थिक ताकत और संसाधनों का इस्तेमाल समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए किया जा सकता है। उन्होंने विशेष रूप से किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में कॉरपोरेट भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।
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उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए आधुनिक तकनीक, शोध और नवाचार की जरूरत है। कॉरपोरेट संस्थान कृषि अनुसंधान, नई तकनीकों के विकास और किसानों तक बेहतर सुविधाएं पहुंचाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
शिवराज सिंह चौहान ने ग्रामीण विकास को देश की प्रगति का आधार बताते हुए कहा कि गांवों की मजबूती से ही भारत आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा। उन्होंने उद्योग जगत से अपील की कि वे अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों को केवल औपचारिकता के रूप में न देखें, बल्कि इसे राष्ट्र निर्माण के अभियान का हिस्सा बनाएं।
उन्होंने भारतीय विचारधारा में मौजूद ‘ट्रस्टीशिप’ के सिद्धांत का उल्लेख करते हुए कहा कि संपत्ति और संसाधनों का उपयोग समाज की व्यापक भलाई के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीएसआर के माध्यम से कॉरपोरेट क्षेत्र किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण रोजगार पैदा करने और कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने में योगदान दे सकता है।
केंद्रीय मंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब सरकार कृषि सुधारों, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों की आय बढ़ाने पर लगातार जोर दे रही है।