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पश्चिम बंगाल में SIR से बांग्लादेश से आए हिंदू शरणार्थी सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे: CPI(M) नेता

सीपीआई(एम) नेता कांति गांगुली ने कहा कि पश्चिम बंगाल में एसआईआर से बांग्लादेश से आए हिंदू शरणार्थी सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे और प्रक्रिया के लिए अधिक समय दिया जाना चाहिए था।

सीपीआई(एम) के वरिष्ठ नेता कांति गांगुली ने दावा किया है कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन—SIR) का सबसे ज्यादा असर उन हिंदुओं पर पड़ेगा, जो बांग्लादेश से पलायन कर राज्य में बसे हैं। पूर्व मंत्री गांगुली को शुक्रवार (2 जनवरी, 2025) को दस्तावेज सत्यापन की सुनवाई के लिए बुलाया गया है।

उन्होंने कहा कि वे एसआईआर के पक्ष में हैं, लेकिन यह एक बेहद बड़ा और चुनौतीपूर्ण कार्य है, जिसे दो-तीन महीनों में पूरा करने के बजाय अधिक समय देकर किया जाना चाहिए था। उन्होंने पीटीआई से कहा, “मैं एसआईआर के पक्ष में हूं, लेकिन इसे और अधिक सटीक व त्रुटिरहित बनाने के लिए ज्यादा समय दिया जाना चाहिए था। भारत जैसे विशाल देश में, जहां जनसंख्या बहुत अधिक है, मतदाता सूची के बेहतर पुनरीक्षण के लिए पर्याप्त समय जरूरी है।”

82 वर्षीय कांति गांगुली 2001 से 2011 तक सुंदरबन विकास विभाग के मंत्री रह चुके हैं और 2009 से 2011 के बीच कुछ समय के लिए खेल एवं युवा कल्याण मंत्री भी रहे। उन्होंने कहा, “मैं सुंदरबन क्षेत्र से आता हूं। यहां बांग्लादेश से आए हिंदुओं की बड़ी आबादी रहती है। इस प्रक्रिया में वही सबसे अधिक प्रभावित होंगे।”

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गांगुली ने कहा कि चुनाव आयोग को इस अभ्यास के लिए स्पष्ट और विस्तृत दिशा-निर्देश तय करने चाहिए थे, ताकि मतदाताओं में भ्रम न फैले और “गलत अटकलें व निराधार सिद्धांत” न पनपें। उनके मुताबिक, बेहतर तैयारी और स्पष्ट गाइडलाइंस से आम मतदाताओं में फैली शंकाओं को रोका जा सकता था।

उन्होंने यह भी कहा कि मजबूत संगठनात्मक ढांचे वाली राजनीतिक पार्टियों को एसआईआर से अधिक लाभ होगा और इसका असर आगामी विधानसभा चुनावों में दिखेगा। हालांकि, उनके अनुसार फिलहाल कम्युनिस्ट पार्टियों को इससे विशेष लाभ नहीं मिलेगा, क्योंकि जनता का भरोसा अभी पूरी तरह उनके साथ नहीं है।

एसआईआर के विरोध पर गांगुली ने कहा कि विरोध लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन इसका आधार ठोस कमियां होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को विपक्ष के दबाव में आए बिना निष्पक्ष रहकर इस प्रक्रिया को सटीकता से पूरा करना चाहिए।

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