लोकतंत्र का सम्मान चुनिंदा तरीके से नहीं हो सकता: एसआईआर विवाद पर भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने
एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण के बावजूद भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने हैं। भाजपा ने विपक्ष पर संस्थाओं को बदनाम करने का आरोप लगाया, जबकि कांग्रेस ने सवाल उठाए।
मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर चुनाव आयोग के सदस्यों के बीच कथित मतभेद की खबर पर शनिवार को राजनीतिक विवाद जारी रहा। चुनाव आयोग ने इस संबंध में स्पष्टीकरण जारी कर कहा कि एसआईआर से जुड़े फैसले सदस्यों ने सर्वसम्मति से लिए हैं। इसके बावजूद भाजपा और कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कहा कि चुनाव आयोग की ओर से जारी प्रेस नोट ने कांग्रेस नेतृत्व वाले विपक्ष के उन आरोपों को उजागर कर दिया है, जिनके जरिए संवैधानिक संस्था पर हमला करने का प्रयास किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जीत और हार स्वाभाविक है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने के लिए दुर्भावनापूर्ण प्रचार करना उचित नहीं है।
नितिन नबीन ने कहा कि लोकतंत्र का सम्मान चुनिंदा तरीके से नहीं किया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि जब चुनाव परिणाम विपक्ष के पक्ष में आते हैं, तब वह चुनाव कराने वाली संस्थाओं पर सवाल नहीं उठाता, लेकिन परिणाम प्रतिकूल होने पर संस्थाओं की विश्वसनीयता पर प्रश्न खड़े किए जाते हैं।
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दूसरी ओर, कांग्रेस ने चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण को खारिज करते हुए कहा कि आयोग की प्रेस विज्ञप्ति ने संबंधित मीडिया रिपोर्ट का खंडन नहीं किया है। पार्टी ने इसे आरोपों को कम करके दिखाने की कोशिश बताया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केरल के मलप्पुरम में कहा कि चुनाव आयुक्तों को मिले कानूनी संरक्षण की समीक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि संविधान या देश के खिलाफ अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
इस बीच, चुनाव आयोग ने बताया कि ज्ञानेश कुमार, सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी के बीच बैठक हुई, जिसमें एसआईआर के तहत नोटिस पाने वाले मतदाताओं की सुविधा के लिए कई कदम उठाए गए। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि कैबिनेट सचिव को भेजा गया पत्र नीतिगत मामलों से संबंधित नहीं था। आयोग ने दिल्ली और महाराष्ट्र में एसआईआर की समयसीमा भी बढ़ाई।
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