सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय की नई पहल: विशेष इंजीनियरिंग कोर्सेस के लिए शुरू होगी अंडरग्रैजुएट स्कूल
सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय एक नया स्कूल ऑफ अंडरग्रैजुएट स्टडीज शुरू करेगा, जिसमें स्पेस टेक्नोलॉजी और डिफेंस जैसे विशेष इंजीनियरिंग कोर्सेस प्रदान किए जाएंगे।
सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय (SPPU) ने अपनी योजनाओं का खुलासा करते हुए एक नई पहल की घोषणा की है। विश्वविद्यालय के उपकुलपति डॉ. सुरेश गोसावी ने 27 मार्च को हुई सत्र की बैठक में बताया कि विश्वविद्यालय एक स्कूल ऑफ अंडरग्रैजुएट स्टडीज स्थापित करने की योजना बना रहा है, जहां विशेष रूप से तकनीकी और इंजीनियरिंग कोर्सेस ऑफर किए जाएंगे। इनमें स्पेस टेक्नोलॉजी और डिफेंस जैसे विषय शामिल होंगे।
इस नई स्कूल का उद्देश्य छात्रों को अद्वितीय और राष्ट्रीय महत्व के कोर्सेस प्रदान करना है, जो उन्हें उच्च-स्तरीय तकनीकी शिक्षा से लैस कर सके। विश्वविद्यालय के उपकुलपति ने बताया कि भारतीय अंतरिक्ष संस्थान और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के साथ प्रारंभिक चर्चा की जा चुकी है ताकि इन क्षेत्रों में कोर्स विकसित किए जा सकें।
डॉ. गोसावी ने आगे बताया कि जलवायु परिवर्तन और आणविक चिकित्सा डिजाइन जैसे अन्य विषय भी नए स्कूल में शामिल किए जा सकते हैं। इसके अलावा, विश्वविद्यालय ने विभागीय सस्टेनेबिलिटी रिसर्च ग्रांट योजना के तहत ‘सहयोगात्मक, अत्याधुनिक अंतरविभागीय शोध’ को बढ़ावा देने की योजना बनाई है। यह कदम विश्वविद्यालय के शोध प्रयासों को एक नई दिशा देने के लिए महत्वपूर्ण होगा।
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इस पहल से पुणे विश्वविद्यालय का उद्देश्य छात्रों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने और उन्हें विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए तैयार करना है।
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