पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव और कच्चे तेल की कीमतों से शेयर बाजार में गिरावट
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच भारतीय शेयर बाजार में गिरावट रही। आईटी और एफएमसीजी शेयरों में बिकवाली से सेंसेक्स-निफ्टी नीचे बंद हुए।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के बीच भारतीय शेयर बाजार सोमवार को गिरावट के साथ बंद हुआ। आईटी और एफएमसीजी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली, वैश्विक बाजारों में कमजोर रुख और विदेशी निवेशकों की निकासी ने निवेशकों के sentiment को प्रभावित किया।
बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 307.24 अंक यानी 0.40 प्रतिशत गिरकर 76,957.27 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स की 20 कंपनियां नुकसान में रहीं, जबकि 10 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 513.19 अंक यानी 0.66 प्रतिशत तक गिरकर 76,751.32 अंक पर पहुंच गया था।
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इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों वाला निफ्टी 95.25 अंक यानी 0.39 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,080.40 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स की प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में अडानी पोर्ट्स, आईटीसी, भारती एयरटेल, एचडीएफसी बैंक, इंफोसिस और कोटक महिंद्रा बैंक शामिल रहे। वहीं, सन फार्मा, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और भारतीय स्टेट बैंक के शेयरों में तेजी रही।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत 3.63 प्रतिशत बढ़कर 91.30 डॉलर प्रति बैरल हो गई। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक बॉन्ड यील्ड में वृद्धि हुई है। इससे ऊर्जा आधारित महंगाई और ऊंची ब्याज दरों को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं।
एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी और शंघाई का एसएसई कंपोजिट बढ़त में रहे, जबकि जापान का निक्केई और हांगकांग का हैंग सेंग गिरावट के साथ बंद हुआ। यूरोपीय बाजार भी ज्यादातर कमजोर रहे।
शुक्रवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 5,039.80 करोड़ रुपये की भारतीय इक्विटी बेची थी। इससे पहले शुक्रवार को सेंसेक्स 330.92 अंक और निफ्टी 84.80 अंक बढ़कर बंद हुए थे।
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