पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री सुजीत बोस को ईडी ने नगरपालिका भर्ती घोटाले में गिरफ्तार किया
ईडी ने पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री सुजीत बोस को नगरपालिका भर्ती घोटाले में गिरफ्तार किया। उन पर नौकरी के बदले लाभ लेने और धन शोधन के आरोप हैं।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता सुजीत बोस को नगरपालिका भर्ती घोटाले के मामले में गिरफ्तार कर लिया। यह मामला धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) से जुड़ा हुआ है।
ईडी अधिकारियों के अनुसार, सुजीत बोस को कोलकाता के साल्ट लेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स में एजेंसी के कार्यालय में लगभग 10 घंटे तक पूछताछ के बाद हिरासत में लिया गया। वह इस महीने की शुरुआत में भी जांच एजेंसी के सामने पेश हुए थे।
जांच एजेंसी का आरोप है कि सुजीत बोस ने साउथ दमदम नगरपालिका में लगभग 150 उम्मीदवारों की नियुक्ति में भूमिका निभाई और इसके बदले वित्तीय लाभ प्राप्त किए। अधिकारियों का यह भी कहना है कि जांच के दौरान कई सबूत मिले हैं, जिनमें कथित तौर पर नौकरी दिलाने के बदले प्राप्त फ्लैट और अन्य संपत्तियां शामिल हैं।
ईडी ने यह भी बताया कि जांच के दौरान कुछ बैंक खातों में बड़े पैमाने पर नकद जमा होने के संकेत मिले हैं, जो सुजीत बोस से जुड़े बताए जा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, सुजीत बोस सोमवार सुबह कई दस्तावेज लेकर ईडी कार्यालय पहुंचे थे, जिन्हें जांच के लिए मांगा गया था। इससे पहले वह 1 मई को भी एजेंसी के सामने पेश हुए थे, जिसके बाद नई जानकारियां सामने आने पर उन्हें फिर से बुलाया गया।
सुजीत बोस को मंगलवार सुबह विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किए जाने की संभावना है।
सुजीत बोस 2021 से 2026 तक पश्चिम बंगाल सरकार में अग्निशमन और आपात सेवा विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रहे। वे 2011 से 2026 तक बिधाननगर विधानसभा सीट से विधायक भी रहे। 2026 के चुनाव में उन्हें भाजपा उम्मीदवार शरद्वत मुखर्जी से हार का सामना करना पड़ा।
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